यूपी बोर्ड परीक्षा में उम्मीद से कम अंक आने की वजह से इंटरमीडिएट की छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। घर पर सोने से पहले से ही उसने जहर खा लिया। सुबह वह बिस्तर पर मृत अवस्था में मिली। पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिजल्ट घोषित होने के 24 घंटे के अंदर छात्राओं द्वारा जान देने की यह दूसरी घटना है। रविवार को मुजफ्फरनगर के शिवनगर की छात्रा नैना ने भी प्रथम श्रेणी नहीं आने पर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी थी।
थाना फुगाना के गांव रायपुर अटेरना में अपने मामा रमेश के यहां रह रही अंजलि (18) गढ़ी सखावतपुर के गोविंद स्कूल की छात्रा थी। उसके पिता श्यामलाल हरियाणा के भिवानी जिले के शावड़ गांव में रहते हैं। बचपन से मामा के घर रह कर पढ़ रही अंजलि ने मेहनत के साथ 12 वीं की परीक्षा दी थी।
घोषित परिणाम में उसकी द्वितीय श्रेणी आई। आशा के अनुरूप अंक नहीं आने पर छात्रा मायूस हो गई। परिजनों ने उसे समझा कर आगे और अधिक परिश्रम की सीख दी, लेकिन अंजलि के मन से कम नंबर आने का दबाव हट नहीं पाया। मामा रमेश के मुताबिक समझाने के बाद भी भांजी की उदासी खत्म नहीं हुई। उसने बेमन से खाना खाया और जल्दी ही अपने कमरे में सोने चली गई। सोमवार की सुबह काफी देर तक नहीं जागने पर उसे उठाने गए, तो वह बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी थी।
छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर गांव पहुंची फुगाना पुलिस ने पंचनामा भर कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने की वजह से छात्रा अंजलि की आत्महत्या का मामला सामने आया है। रात में सोने से पहले उसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत से दुखी पिता श्यामलाल और अन्य परिजन भिवानी से रायपुर अटेरना पहुंच गए हैं।
गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण होनहार छात्रा की मौत से दुखी है। रिजल्ट आने के 24 घंटे के भीतर जिले में यह दूसरी दुखद घटना है, जिसमें परीक्षा में कम अंक आने पर दो बेटियों ने अपनी जान दे दी हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर शहर में ऐसी ही घटना हुई। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला शिवनगर निवासी संतरपाल की बेटी नैना (18) गांधी कालोनी के एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में पढ़ती थी।
उत्साह के साथ अपना रिजल्ट देखने साइबर कैफे पर गई थी। 500 में से 271 अंक के साथ उसने सेकेंड डिवीजन प्राप्त की। परीक्षाफल को देख मायूस हुई नैना घर लौट आई। घर में कम अंक आने पर उसने खुद पर गुस्से का इजहार किया। कुछ देर बाद सहेली के पास जाने की बात कह कर वह घर से निकली। दोपहर में सरवट फाटक पर पैसेंजर ट्रेन के आगे कूद कर छात्रा ने अपनी जान दे दी।