बागपत जाने से किसानों को रोकने पर आक्रोश भड़का
मुजफ्फरनगर/चरथावल। भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह के पैतृक आवास नसीरपुर गांव में पुलिस अफसरों और कई थानों की फोर्स ने उन्हें नजरबंद कर दिया। सोमवार को होने वाले बागपत जिले के काठा में धरना-प्रदर्शन में जिले के किसानों को जाने से रोक दिया। गुस्साए किसानों ने गांव में ही प्रशासनिक अधिकारियों के रवैयेे के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। एसपी देहात नेपाल सिंह आदि अफसरों ने पूरे दिन गांव में डेरा डालकर किसान नेताओं के मनुहार में जुटे रहे। वहीं, धरने के बाद मंगलवार को किसानों ने बागपत जाने का एलान किया।
भाकिसं के अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह ने कहा सरकार के इशारे पर प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। देश में स्वस्थ लोकतंत्र प्रणाली के लिए प्रशासन का यह तानाशाही पूर्ण रवैया कतई सही नहीं है। उन्होंने कहा कि रविवार रात में एसपी बागपत के कहने पर जिला प्रशासन ने उनके घर को अपराधियों की तरह घेर लिया। सोमवार को एसपी देहात नेपाल सिंह और सीओ आदि ने पुलिस बल के साथ उन्हें नजरबंद करते हुए बागपत जाने से रोक दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये के विरोध में सोमवार शाम चार बजे किसानों ने गांव में धरना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि प्रशासन जबरन सही बात कहने से किसानों को रोक रहा है। ठा. पूरण सिंह ने कहा मंगलवार (आज) वह किसानों के जत्थे के साथ हर हाल में बागपत के काठा में धरने में शामिल होंगे। यदि प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया, तो वह किसानों के साथ गिरफ्तारी देंगे। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सोम, संजू, कुशलपाल, अंकुर रोड, चंदरूप सिंह, डा. योगेश, गौरव मोरा, जमील अहमद, जल सिंह, कृष्ण पाल सिंह, काका भोपाल सिंह, जल सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, चरथावल क्षेत्र के गांव टांडा, बाढ़, पीपलशाह, रोनी हरजीपुर, नंगला पिथौरा आदि में किसानों को प्रशासन दो दिन से बॉर्डर धरने पर नहीं जाने दे रहा है।