चरथावल। अनंत चतुर्दशी पर श्रद्धालुओं ने घरों में हवन पूजन कराया। कोविड़ की बंदिश के सामने आस्था भारी पड़ी। हालांकि प्रशासन ने गोगा म्हाड़ी पर मेला नहीं लगने दिया। ना कोई दुकान लग पाई। लेकिन श्रद्धालुओं ने जाहरवीर की समाधि पर मत्था टेका और छड़ी पूजन किया। इस बार बिना ढोल नगाड़ों के भक्तों ने परंपरा निभाई।
म्हाड़ी समिति और पुलिस प्रशासन ने इस बार मेला नहीं लगने के लिए अपील की थी। बताया गया था कि इस बार सिर्फ म्हाड़ी से जुड़े भगत ही प्रसाद और निशान चढ़ाकर परंपरा को निभाएंगे। लेकिन मंगलवार को सुबह छह बजे से म्हाड़ी पर श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। उन्होंने म्हाड़ी प्रांगण में शारीरिक दूरी बनाकर मत्था टेका। हालांकि मेला नहीं लग सका। म्हाड़ी भगत पवन कश्यप ने बताया कि उन्होंने कस्बे में पहले प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में पहले दिन म्हाड़ी पर प्रसाद और निशान नहीं चढ़ाने की लोगों से अपील की थी। श्रद्धालुओं ने कोविड़ की गाइडलाइन को अपनाते हुए गोगा की समाधि के दर्शन किए। कस्बे से करीब दस फीसदी लोग ही साल भर की परंपरा निभाने के लिए प्रसाद चढ़ाने पहुंचे।