संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद में एक दर्जन कोल्ड स्टोर यानी शीत गृह संचालित हो रहे हैं। ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते अमोनिया गैस के दाम लगभग दोगुना हो गए हैं। प्लांट में खराबी अथवा लीकेज पर शीत गृहों को रिफिलिंग करानी पड़ रही है। संचालन में लागत बढ़ने से भंडारण की दरों में भी बढ़ोतरी की आशंका है। शीत गृहों की क्षमता 95790 मीट्रिक टन की है, जिसमें आलू का भंडारण 32798 और अन्य भंडारण 29303 मीट्रिक टन है।
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी गैस की किल्लत के बाद कोल्ड स्टोरों में अमोनिया गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अमोनिया गैस के दाम दोगुने से अधिक पहुंच गए हैं। कोल्ड स्टोर का सीजन 15 फरवरी से 31 अक्तूबर तक माना जाता है।
अधिकतर कोल्ड स्टोर संचालकों ने सीजन की शुरुआत में ही आवश्यकता अनुसार रिफिलिंग करा ली थी। लेकिन वर्तमान में अमोनिया के दाम बढ़ने पर प्लांट के रिसीवर से रिसाव और लिक्विड मेंं परिवर्तित होने की स्थिति पर संचालकों को रिफिलिंग के लिए आम दिनों से दोगुना दामों पर गैस खरीदनी पड़ रही है।
कोल्ड स्टोर में प्रयोग होने वाली अमोनिया गैस की दर पहले प्रति किलो 70 रुपये थी। जो बढ़कर 200 रुपये के आसपास पहुंच गई थी। हालांकि वर्तमान में इसकी दर 120 से 130 रुपये प्रति किलो चल रही है। करीब एक माह से गैस की दरों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
- शुरू में 62 रुपये, बाद में खरीदनी पड़ी 130 के भाव
मीरापुर क्षेत्र में कोल्ड स्टोर का संचालन करने वाले श्यामलाल तनेजा का कहना है कि अमोनिया गैस के दाम पर ईरान-इस्रायल युद्ध का प्रभाव पड़ रहा है। सीजन की शुरुआत में उन्होंने अमोनिया गैस 62 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी थी। लेकिन बाद में रिफिलिंग की आवश्यकता पड़ी तो यही गैस 130 के भाव खरीदनी पड़ी।
सीजन शुरू होने के बाद बढ़ी दर इसलिए समस्या है कम : रवि प्रकाश
कृष्ण मोहन कोल्ड स्टोर खतौली के संचालक रवि प्रकाश गर्ग का कहना है कि अमोनिया गैस का दाम बढ़ रहा है। लेकिन अधिकतर कोल्ड स्टोर संचालक इससे प्रभावित नहीं हो रहे। इसका कारण यह है कि सीजन शुरू होने के समय दर स्थिर थी। जबकि दरों में बढ़ोतरी सीजन शुरू होने के बाद हुई। इसलिए रिफिलिंग कराने वाले कोल्ड स्टोर ही बढ़ी दरों से प्रभावित होंगे।