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गोशालाओं में कड़ाके की ठंड में गाय हो रही बीमार

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बुढ़ाना की गोशाला में सर्दी के मौसम में खुले में बंधे पशु। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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अमर उजाला लाइव: गोशालाओं में कड़ाके की ठंड में गाय हो रही बीमार
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मुजफ्फरनगर। शीतलहर के चलते कड़ाके की ठंड में गोवंश आश्रय स्थलों और गोशालाओं में गोवंश सर्दी की चपेट में आ गए हैं। कई स्थानों पर सर्दी से बचाव के माकूल प्रबंध नहीं किए जाने से गाय बीमार हैं। खतौली में भी एक गाय की मौत हो चुकी है। अमर उजाला टीम ने सर्दी के मौसम में कई स्थानों पर गोशालाओं में जाकर हकीकत जानी। सर्दी से बचाव के प्रबंध को देखा। पाया कि उन्हें अस्थायी गोशालाओं में गायों की हालत सर्दी में बिगड़ी हुई है।
तेजलहेड़ा में बीमार है गाय
छपार। गांव तेजलहेड़ा में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। सर्दी बढ़ने से आशियाने को चारों ओर से पन्नी ढक दी है। ब्लाक की तरफ से टाट के पल्ले सिलने के लिए छह कर्मियों को लगाया गया है। यहां पर 46 पशुओं में से गाय ठंड से बीमार है। वहां पर मौजूद कर्मी यशपाल ने बताया कि यहां 20 गाय व 26 बछडे़ हैं। एक गाय तीन दिन से बीमार है।
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पुरकाजी में क्षमता से अधिक गोवंश
पुरकाजी। यहां बनाई गई गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश बांध देने से वहां पशुओं को परेशानी हो रही है। कस्बे के बाहरी छोर पर करीब चार करोड़ रुपयों की लागत से आधुनिक गोशाला बनाई गई है। गोशाला की क्षमता 125 गोवंश होने के बावजूद गोशाला में 136 गोवंश बंधे मिले, जिससे गोवंशों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में कोई माकूल बंदोबस्त न होने से कई गोवंश बीमार पाए गए। ईओ मनोज यादव ने बताया कि गोशाला में हमारे क्षेत्र के मात्र 58 गोवंश हैं, इससे ज्यादा 78 गोवंश जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी को बोरे भेजने के निर्देश एसडीएम ने दिए हैं।
बुढ़ाना में तीन गायें बीमार मिलीं
बुढ़ाना। देहातों से लाए गए बेसहारा पशुओं ने कान्हा गोशाला की व्यवस्था बिगाड़ दी है। कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय में अधिकतम 125 गोवंश रखने की क्षमता है। वर्तमान में 230 गोवंश कान्हा गोशाला में मौजूद हैं। अधिक गोवंश होने के कारण कई गोवंश को ऐसी सर्दी में खुले में रखा जा रहा है, जो बीमार हो सकते हैं। अधिशासी अधिकारी ओम गिरि ने बताया कि तीन गोवंश बीमार हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है।
मीरापुर में गलियों में घूम रहे गोवंश
मीरापुर। कस्बे में गोवंश के लिए कच्चा पक्का शिव मंदिर तालाब के निकट गोशाला निर्माणाधीन है। 23 गाय पानी टंकी परिसर में रखी गई हैं, जिनको सर्दी से बचाने के लिए छाया व चारे की व्यवस्था नगर पंचायत की ओर से की गई है। इस सबके बावजूद कुछ गोवंश रात्रि में गली मोहल्लों के बरामदों में खडे होकर सर्दी से बच रहे हैं। धर्म प्रेमी लोग इस तरह के गोवंश को सुविधानुसार चारे आदि की व्यवस्था कर रहे हैं।
खतौली में गाय मरी, तब किए इंतजाम
खतौली। नगर पालिका में बनी अस्थायी गोशाला में ठंड से गायों को बचाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। नतीजतन दो गाय बीमार पड़ गईं, जिनमें एक गाय की मौत हो गई। इसके बाद पालिका प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल गोशाला में 24 गाय मौजूद हैं, जिनमें एक गाय बीमारी से तड़प रही रही है। ईओ ने जेपी यादव ने बताया कि गोशाला में 24 गाय हैं।
इन्होंने कहा----
- गोशालाओं में गोवंशीव पशुओं की देखरेख के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश दिए गए है। जहां पर भी गाय बीमार है, वहां डॉक्टर भेज कर उपचार कराया जाएगा। एसडीएम को भी लगातार अपने क्षेत्र के गोशालाओं के निरीक्षण के आदेश दिए गए है।
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- अमित सिंह एडीएम प्रशासन

खतौली की गोशाला में बंधी गाय।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

खतौली की गोशाला में एक गाय के मरने पर गेट पर लगाई गई त्रिपाल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

बुढाना की गोशाला में बंधे गोवंशीय पशु।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

पुरकाजी के गोशाला में बीमार पड़ी गाय।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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