मुजफ्फरनगर जनपद में ट्रेजरी का खजांची प्रमोद कुमार 10वीं फेल है। चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति के बाद वह सहायक खजांची और खजांची के पद पर दो बार प्रमोशन पा चुका है। अधिकारियों ने उसकी शिक्षा देखे बिना प्रमोशन कर दिया। वह 1991 से कोष का कार्य देख रहा है।
ट्रेजरी में रोकड़िया और सहायक रोकड़िया के लिए न्यूनतम योग्यता इंटर कॉमर्स है। यहां ऐसा खेल हुआ कि अफसरों ने दसवीं फेल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पहले सहायक रोकड़िया और फिर रोकड़िया पर प्रमोशन दे दिया। ट्रेजरी में कार्यरत प्रमोद कुमार ने 1979 में प्राइवेट रूप से चतुर्थ श्रेणी में काम शुरू किया था। 1984 में इसकी चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति कर दी गई। 1991 में इसका प्रमोशन सहायक रोकड़िया और 1999 में रोकड़िया के पद पर हो गया।
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ऐसे सामने आया पूरा मामला
शहर के रामपुरम के जयप्रकाश ने 10 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री के यहां शिकायत की थी कि प्रमोद कुमार को बिना योग्यता के प्रमोशन दिया गया है। लखनऊ में कोषागार के निदेशक आलोक कुमार अग्रवाल ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच अपर निदेशक कोषागार मेरठ अतुल कुमार को सौंप दी। उन्होंने जब शैक्षिक योग्यता का रिकॉर्ड तलब किया, तो यह मामला सामने आया। रिकॉर्ड में प्रमोद दसवीं फेल मिला।
रोकड़िया की न्यूनतम योग्यता इंटर कॉमर्स
वरिष्ठ कोषाधिकारी सतीश कुमार का कहना है कि सहायक रोकड़िया नियमावली 1987 में सहायक रोकड़िया के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटर कॉमर्स है। हमारे रिकॉर्ड में प्रमोद कुमार की मार्कशीट दसवी फेल की है। यह पुराना मामला है, जांच हो रही है।
जांच के आदेश के बाद प्रमोद कुमार का समस्त रिकॉर्ड ले लिया है। वह दो बार मुजफ्फरनगर कोषागार आए हैं। रिकॉर्ड में केवल दसवी फेल की मार्कशीट ही मिली है। नियम के अनुसार प्रमोशन नहीं हो सकता था। हम रिपोर्ट शासन को भेज रहे हैं। -
अतुल कुमार सिंह, अपर निदेशक कोषागार मेरठ