सुबह नमाज से पहले शांति की अपील करते कारी खालिद।
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मुजफ्फरनगर। जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों में न केवल इबादत हुई बल्कि देश में अमन और भाईचारे का पैगाम भी दिया। धर्म गुरुओं ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और नमाज अदा करने वाले अकीदतमंदों को उनके दायित्वों से भी रूबरू कराया। अपनी तकरीर में उलमा और मौलाना ने कहा कि नमाज के बाद सीधे या तो अपने घर पहुंचें या फिर प्रतिष्ठान पर जाएं। शहर के माहौल को शांत बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।
बीते सप्ताह हुए बवाल के बाद इस बार भी जुमे की नमाज के बाद कुछ अनिष्ट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन ऐसी स्थिति नहीं आई। शहर में शांति बनाए रखने के लिए धर्म गुरुओं ने पूर्ण योगदान दिया। अफसरों के साथ धर्मगुरुओं की बैठकें और सहयोगात्मक रवैये का भी असर नजर आया। दोपहर में जुमे की नमाज के लिए लोग मस्जिदों में पहुंचे। मदीना चौक के पास स्थित मस्जिद में साढ़े 12 बजे अजान हुई। इसके बाद नमाजियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। इसी तरह बागोवाली मस्जिद, खालापार क्षेत्र में गुल्लरवाली मस्जिद, बागोवाली, विकास भवन के सामने, फक्करशाह चौक स्थित मस्जिद के अतिरिक्त शहीद चौक के पास स्थित मस्जिद में अलग-अलग समय पर नमाज हुई।
नमाज के दौरान मौलाना ने तकरीर करते हुए कहा कि शहर आपका है। किसी भी तरह की अशांति न होने पाए। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अमन और चैन को कायम रखें। किसी भी तरह की संपत्ति का नुकसान न हो। नमाज के बाद अकीदतमंद सीधे अपने घर या कारोबार पर जाएं। रास्ते में खड़े भी न हों। क्योंकि इससे भी माहौल खराब होता है। नमाज के दौरान की गई इस अपील का असर हुआ। नमाज के बाद लोग थोड़ी-थोड़ी संख्या में मस्जिदों से बाहर आते गए और अपने प्रतिष्ठानों पर पहुंच गए।
उधर, मदरसा इस्लामिया अरबिया खादिमुल उलूम बागोवाली एवं बझेड़ी से कारी खालिद रहमान एवं वसीम अहमद ने मीनाक्षी चौक पर पहुंचकर डीएम और एसएसपी से बात की। उन्होंने वह पत्र भी उन्हें दिखाया, जिसमें समाज के लोगों से शांति की अपील की गई थी। उन्होंने बताया कि इस तरह के पर्चे देकर लोगों को सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया है। मदरसे व आसपास के क्षेत्र में संपर्क कर लोगों से शांति कायम रखने का आग्रह किया गया है।