खतौली में विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित श्रीराम नाम जप व हित चिंतक सम्मेलन में गढ़मुक्तेश्वर से पधारे स्वामी अखिलानंद सरस्वती ने हिंदू समाज में फैली कुरीतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज में छुआछूत मुगलकाल की देन है।
गीता भवन में आयोजित सम्मेलन का स्वामी रुद्रदेव जी महाराज, साध्वी ललिता देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। स्वामी जी ने कहा कि सदियों से चली आ रही पर्व स्नान परंपरा में कोई अलग-अलग घाट नहीं हैं। युवाओं को आज सुसंस्कार देने की आवश्यकता है।
आज बहू सास की, बेटा माता और पिता की सेवा नहीं करते हैं। लेकिन पीर मजार पर जाकर माथा रगड़ते हैं। इस प्रथा को समाप्त करना होगा। विहिप प्रांत सहमंत्री डॉ. चंद्रमोहन शर्मा ने कहा कि देश में राष्ट्र व संस्कृति विरोधी शक्तियों द्वारा हिंदू धर्म, संस्कृति, मान बिंदुओं को समाप्त करने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
कम आबादी वाली जगहों पर हिंदुओं को पलायन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। राष्ट्र विरोधी व राष्ट्रवादी लोगों को पहचानने की आवश्यकता है। आज छुआछूत, जात पात से ऊपर उठकर संगठित होकर ही हिंदू समाज, हिंदू संस्कृति, भारता माता, गो माता, लव जेहाद, धर्मांतरण, पलायन आदि समस्याओं का निराकरण कर सकता है। राधेश्याम विश्वकर्मा, सचिन सिंहल, साध्वी ललिता देवी, प्रवीण गुप्ता, विकास अग्रवाल विचार रखे।
अध्यक्षता नगराध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने की तथा संचालन आतिश ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आतिश गुप्ता, जयवंश शर्मा, मनन गुप्ता, माधव गुप्ता, जयपाल सिंह, ठाकुर प्रसाद, विमल चौहान, सुदेश, सुरेखा, सुनील वर्मा, आलोक, बाबूलाल, डॉ. सहेंद्रपाल आदि का सहयोग रहा। पूनम तायल, वंदना चौहान, महेंद्री, पूनम शर्मा, बाबूलाल, डीडी आर्य, मदन छाबड़ा, हरीश पाल, राकेश मोहन, सतपाल सिंह, सत्यजीत, हरिओम, मोनू, भरतेश, डॉ. मुकेश आदि उपस्थित रहे।