मुजफ्फरनगर। सूरत की बहनों से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू के रसोइए अखिल गुप्ता की हत्या का राज खुल सकता है। बंगलुरू में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े बीजापुर कर्नाटक के वासु और दमन द्वीप की सेजल उर्फ ज्योति से पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं।
हिरासत में लिए गए आरोपी आसाराम के साधक हैं। देशभर में गवाहों पर हमले के लिए सूरत में प्लानिंग बनी थी। अखिल गुप्ता की हत्या को अंजाम देने वाले शूटर कौन थे और स्थानीय स्तर पर उनकी मदद किसने की, यह राज पुलिस तलाशने में जुटी है।
आसाराम बापू के आश्रम में 11 साल तक रहे शहर के जानसठ रोड निवासी अखिल गुप्ता की 11 जनवरी को देर रात घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारों की संख्या दो थी, जो बाइक पर सवार थे। घटना के बाद से आज तक पुलिस मामले का कोई सुराग नहीं लगा पाई।
वर्ष 2008 में अखिल ने बापू का आश्रम छोड़ दिया था। उसने बापू की अनुयायी वर्षा शादी कर मुजफ्फरनगर में गृहस्थी बसा ली थी। अचानक सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, तो जांच में पुलिस ने अखिल पर भी शिकंजा कसा।
घटना के समय वह बापू का रसोइया था, इसी आधार पर पुलिस ने उसे पूछताछ की। अखिल मुकदमे में सरकारी गवाह बन गया था। सिटी सेंटर के सामने डेयरी का कार्य कर रहे गुप्ता परिवार ने जानसठ रोड पर अपना नया आशियाना बना लिया था। अखिल की हत्या देश की सुर्खियां बना और बापू पर आरोप लगे। पुलिस की संस्तुति पर सरकार सीबीआई जांच के लिए राजी हो गई है, लेकिन मामला अभी अधर में लटका हुआ है।
अब बंगलुरू में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बीजापुर कर्नाटक के वासवराज उर्फ वासु और दमन द्वीप की सेजल उर्फ ज्योति प्रजापति को हिरासत में लिया है। चार दिन के रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों से अखिल गुप्ता की हत्या का राज खुल सकता है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि गवाहों पर हमले के पीछे पकड़े गए वासु का हाथ है। सूरत में गवाहों की हत्या की प्लानिंग तैयार की गई।
पूरे गिरोह में आसाराम के 18 साधक शामिल बताए गए हैं। जिस गवाह को ठिकाने लगाना होता था, पहले उसकी बाकायदा रेकी की जाती थी। सूत्रों के मुताबिक वारदात के लिए पैसों का इंतजाम टीम के तीन सदस्य करते हैं, जिनके नाम पुनीत, सुनील और शैलेंद्र बताए गए हैं। पहले किसको रास्ते से हटाना है, इसका भी टारगेट तय किया जाता था।
अखिल गुप्ता की हत्या में कौन शूटर इस्तेमाल किए गए और स्थानीय स्तर पर किसकी मदद ली गई, पुलिस यह तलाशने में जुटी है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या वासु और ज्योति ने अखिल की हत्या से पहले शहर में रहकर रेकी की थी।
हत्थे चढ़ी सेजल उर्फ ज्योति क्या अहमदाबाद आश्रम में रहते समय अखिल और वर्षा के संपर्क में रही है। बापू के जेल जाने के बाद यह आरोपी किस-किस के संपर्क में रहे और कौन फंडिंग करता था, ऐसे ही अनगिनत सवाल पुलिस की जांच का हिस्सा हैं। फिलहाल आसाराम जोधपुर जेल में बंद है।
सीबीआई जांच टालने की साजिश तो नहीं
मुजफ्फरनगर। इकलौते बेटे अखिल गुप्ता को खो चुके नरेश गुप्ता को बंगलुरू से पकड़े गए आसाराम के साधकों के खुलासे पर ज्यादा भरोसा नहीं है। वह कहते हैं कि सीबीआई जांच से बचने के लिए यह आसाराम की साजिश भी हो सकती है।
आरोपी प्रभावशाली लोग हैं, जो अपने लोगों को फर्जी गिरफ्तार दिखवाकर सीबीआई जांच को टालने की कोशिश कर सकते हैं। अहमदाबाद पुलिस ने इस बारे में अभी तक परिवार से कोई जानकारी नहीं ली है। वह खुद पुलिस अफसरों के चक्कर काट चुके हैं, मगर बेटे के हत्यारों को नहीं पकड़ा जा सका है।