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मुजफ्फरनगर में खोला जाए एम्स: डॉ. रविकांत

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शुकदेव आश्रम में पद्मश्री डॉ. रविकांत एवं डॉ. बीना रवि को सम्मानित करते पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मोरना। एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक पदमश्री डॉ. रविकांत ने कहा कि वेस्ट यूपी में एक नया एम्स मुजफ्फरनगर जिले में खोला जाना चाहिए। भौगोलिक और आबादी की दृष्टि से ये अहम है।
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शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में मंगलवार को पदमश्री डॉ रविकांत एवं उनकी पत्नी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. बीना रवि ने वीतराग स्वामी कल्याणदेव के समाधि मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की। दंपति ने यज्ञ में आहुतियां दी। अक्षय वट की परिक्रमा और श्री शुकदेव मंदिर में पूजन किया। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। ऋषिकेश एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की जो जागृति स्वामी कल्याण देव जी ने फैलाई है, वो महान स्तुत्य कर्म है। उनके द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थाओं में गांवों के करोड़ों बच्चों को अपना भविष्य संवारने का मौका मिला है। शिक्षा ऋषि ने निष्काम कर्म को ही धर्म माना था। केजीएमयू लखनऊ के कुलपति का दायित्व निभा चुके डॉ. रविकांत ने कहा कि मेरठ और सहारनपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित है। वेस्ट यूपी में अब मुजफ्फरनगर जिले में भारत सरकार एम्स स्थापित करें। पश्चिम के दस जिलों को उच्च स्तरीय उपचार मिल सकेगा। उन्होंने स्वामी ओमानंद से एम्स खोलने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। अमेरिका से आए डॉ. क्षितिज एवं डॉ. तन्मया स्तुति रवि, सुमित ने स्वामी जी से आशीर्वाद लिया। शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जी.सी. उप्रेती के निर्देशन में कथा व्यास अंचल कृष्ण शास्त्री, सुमन शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया।
फरवरी में बढ़ेगा संक्रमण
उन्होंने कहा कि संक्रमण दर यही रही तो फरवरी माह तक देश में ओमिक्रोन के दो लाख मरीज प्रतिदिन आएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक वैक्सीनेशन पर फोकस करते हुए मास्क का अधिकाधिक प्रयोग तथा भीड़ से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। बचाव के मामले में कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बताया कि डेल्टा वेरियंट से ओमिक्रोन का वायरस सात गुना अधिक क्रियाशील है। इसलिए सभी को समझ लेना चाहिए कि बचाव के लिए कितना गुना अधिक बेहतर प्रयास करना है।
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