Muzaffarnagar News: बिजनौर के अभिषेक से मेरठ के सुमित ने पास कराने का झांसा देकर एक लाख रुपये ठग लिए। पकड़े जाने पर पूछताछ में सुमित ने बताया कि उससे भी चार लाख की ठगी की गई थी, फिर उसी स्टाइल में वह युवकों को शिकार बनाने लगा।
बिजनौर के अभिषेक से अग्निवीर भर्ती में पास कराने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी करने वाला मेरठ का आरोपी सुमित पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जांच में सामने आया कि आरोपी से 13 साल पहले सेना में भर्ती कराने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी हुई थी। यहीं से वह खुद ठगी की राह पर चल पड़ा। अब तक छह अभ्यर्थियों को लाखों रुपये की चपत लगा चुका है।
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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन में बताया कि सिविल लाइन पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस सेंटर कमांड मेरठ की टीम ने करीब 100 सीसीटीवी खंगाले। आरोपी के आवास क्षेत्र में जाकर लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बाद आरोपी को भर्ती स्थल के पास कंपनी बाग से गिरफ्तार कर लिया। सेना की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, स्कूटी और मोबाइल बरामद हुआ। वह खुद को सेना में क्लर्क बताता था।
आरोपी मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के गांव कस्तला शमशेरनगर का रहने वाला है। उसके पिता रकम सिंह सेना में थे। जब वह दो साल का था, तब पिता की मौत हो गई थी। दसवीं पास सुमित बड़ा होने पर सेना में भर्ती होने पहुंचा, लेकिन प्रमाणपत्रों की गड़बड़ी के कारण असफल रहा। कुछ लोगों ने उससे भर्ती कराने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए। यहीं से वह खुद ठग बन गया।
भर्ती स्थल के पास तलाशता था प्रवेश पत्र
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी भर्ती स्थल के गेट के आसपास खड़ा हो जाता था। फेल होने वाले अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र फेंक देते हैं। आरोपी प्रवेशपत्र उठाकर पूरा पता, मेल आईडी, मोबाइल नंबर की जानकारी लेता था। ई-मेल भेजकर अपना मोबाइल नंबर भी भेजता था। कॉल आने पर अभ्यर्थी को फंसा लेता था। सौदा होने पर कुछ रुपये लेकर मोबाइल बंद कर लेता था। एक मोबाइल नंबर को सिर्फ एक बार प्रयोग करता था।
इस तरह फंसा बिजनौर का अभिषेक
बिजनौर के थाना नूरपुर के गांव पनियाला निवासी अभिषेक 23 अगस्त को अग्निवीर भर्ती की शारीरिक परीक्षा में फेल हो गया था। 24 अगस्त को उसकी ई-मेल आईडी पर संदीप नाम की ई-मेल आईडी से संदेश मिला। मोबाइल नंबर देते हुए कॉल करने के लिए कहा गया। बातचीत के बाद पीड़ित ने आरोपी से दो बार मुलाकात की। पहली बार मेरठ के सेना वाले क्षेत्र भगत सिंह रोड पर मिला। वहां उसने उसके कागजात लिए और पैसे तय किए। बाद में 31 अगस्त की रात में साढ़े नौ बजे भर्ती स्थल के पास मिले आरोपी ने एक लाख रुपये लिए। उसे मेडिकल कराने का टोकन दिया, जो फर्जी था।