अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मीरापुर क्षेत्र के रसूलपुर गढ़ी में दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था। प्रेमी युगल ने गांव छोड़ा तो आरोपियों के घर में आग लगा दी गई। गण्यमान्य लोगों ने समझौता करा दिया। इसके बाद फिर मनमुटाव हुआ। घर में घुसकर ओमकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
साल 2021 में ओमकार के बेटे अंकित ने प्रिंस की बहन के साथ कोर्ट मैरिज कर ली थी। दोनों पक्षों के बीच यहीं से रंजिश शुरू हो गई। कोर्ट मैरिज के बाद अंकित और उसकी पत्नी कभी गांव नहीं लौटे। आरोप लगाया गया कि प्रिंस पक्ष के लोगों ने ओमकार के घर में आग लगा दी थी। तनाव अधिक बढ़ जाने पर गांव के गणमान्य लोग एकत्र हुए और दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था, लेकिन समझौता ज्यादा दिन नहीं चला। कहासुनी और छींटाकशी को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर तनाव बन गया। एक मार्च 2023 को रंजिश खूनखराबे में बदल गई। ओमकार की हत्या के अलावा वादी सचिन पर जानलेवा हमला किया गया। इसी मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।