मुजफ्फरनगर। हैदरपुर वेटलैंड के बाद जिले में अब नौ नए वेटलैंड बनने जा रहे हैं। इसके लिए वन विभाग अधिकारियों ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। एक वेटलैंंड सदर व आठ वेटलैंड जानसठ तहसील क्षेत्र में बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों का सुंदरीकरण भी किया जाएगा।
वह विभाग ने शासन के मैनेजिंग गंगा फ्लड प्लान वेटलैंड उत्तर प्रदेश के तहत कार्रवाई को शुरू किया है। इन सभी वेटलैंड को अधिसूचित कराने के लिए बकायदा बैठक का आयोजन भी किया गया। इस कार्य के लिए बनाई जिला स्तरीय आद्र भूमि समिति ने बैठक में सभी 9 वेटलैंड का प्रस्ताव तैयार कराया, जिसे शासन के साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य आद्र भूमि प्राधिकरण लखनऊ को भेजा गया है। वेटलैंड का क्षेत्र नदी व गंगा के किनारे से दस किलोमीटर तक का रहेगा।
यह है उद्देश्य : इस परियोजना का उद्देश्य गंगा की बाढ़ भूमि में स्थित आद्र भूमियों की पर्यावरणीय, जैव विविधता एवं जल संरक्षण संबंधी क्षमता को सुदृढ़ करना है, जिससे इन क्षेत्रों की पारिस्थितिकीय स्थिरता बनाई रखी जा सके।
क्षेत्र के जल स्तर में भी सुधार हो। इसके अलावा वेटलैंड भूमि पर अतिक्रमण को रोकना और वेटलैंड और उसके जलीय जीवों का संरक्षण करना भी उद्देश्य है। इन आद्र भूमि का डिजीटल लाइजेशन भी किया जाएगा। वहीं, डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि जिले में नौ नए वेटलैंड बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। इनमें से सात को सेंचुरी क्षेत्र में शामिल किया गया है।