जानसठ। बार संघ व तहसीलदार के बीच चले रहे विवाद में बार संघ अध्यक्ष द्वारा समझौता होने के बाद कोर्ट का बहिष्कार वापस लेने की घोषणा पर बार संघ के अधिवक्ता दो गुटों में बंट गए। एक गुट ने बैठक कर बहिष्कार वापस लेने पर रोष जताया और समझौता मानने से इंकार कर दिया। अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष से आम सभा बुलाने की मांग की।
तहसीलदार अमित कुमार द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर पिछले डेढ़ माह से तहसीलदार के न्यायालय का बहिष्कार कर रखा था। शुक्रवार को तहसीलदार अमित कुमार द्वारा अध्यक्ष प्रदीप गर्ग व सचिव ज्ञानचंद सैनी तथा अन्य अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर अधिवक्ताओं पर की गई टिप्पणी को लेकर खेद प्रकट किया था। उसके बाद अध्यक्ष और सचिव द्वारा तहसीलदार के न्यायालय के बीच चल रहे विवाद का समझौता हो गया और तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार वापस लेने की घोषणा की थी। शनिवार को बार संघ के एक गुट द्वारा अध्यक्ष व सचिव द्वारा तहसीलदार के न्यायालय के बहिष्कार को वापस लेने पर रोष प्रकट करते हुए बैठक की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि सैनी ने बताया कि बार संघ अध्यक्ष द्वारा गोपनीय तरीके से तहसीलदार से समझौता कर लिया गया है। जिसको लेकर बार संघ के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष द्वारा आम सभा बुलाकर निर्णय लेने का मांग की। बार संघ अध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने बताया कि तहसीलदार द्वारा विवाद पर खेद प्रकट कर लिया गया है। सोमवार को आम सभा बुलाकर मामले का निस्तारण करा दिया जाएगा। संचालन प्रमोद कामरेड ने किया। बैठक में अजादार हुसैन जैदी, जितेंद्र सैनी, विनोद चौधरी, मांगे सिंह, अनुज आदि रहे।