संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर तहसील बार एसोसिएशन खतौली के अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ता अपने चैंबर बंद कर कलमबंद हड़ताल पर रहे।
अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता सुरक्षा एवं कल्याण, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, परिषदों के लोकतांत्रिक स्वरूप को बनाए रखने, अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये मेडिक्लेम, बीमा राशि प्रदान करने, प्रभावी पेंशन योजना लागू करने और अधिवक्ता संशोधन बिल-2025 की वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही हड़ताल रखी।
बार संघ अध्यक्ष सरदार जितेंद्र सिंह ने कहा कि कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट संशोधन बिल कहीं से भी अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। इस संशोधन बिल में केंद्र सरकार अधिवक्ताओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। महासचिव सचिन आर्य ने कहा कि संशोधित बिल में बार काउंसिल ऑफ इंडिया में 1961 अधिनियम की धारा 4 में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा नामित 3 सदस्य होंगे। अधिवक्ता जगदीश आर्य, जितेंद्र त्यागी, राजवीर सिंह, प्रदीप कुमार, सुभाष चन्द्र, नवाब सिंह, भूदेव आर्य, नवीन उपाध्याय, सुलेमान खान शामिल रहे।