संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आचार्य भारत भूषण महाराज ने कहा कि प्रत्येक भारतवासी राष्ट्रवादी सोच से जुड़े। भारतीय संस्कृति का विश्व में विशिष्ट स्थान है। भारतीय संस्कृति हमें त्याग की भावना तथा वसुधैव कुटुंबकम से जोड़ती है। जीवन में अहिंसा तथा सहनशीलता को स्थान दें। अपने व्यवहार से किसी की भावनाओं को ठेस मत पहुंचाओ।
कानूनगोयान स्ट्रीट स्थित भगीरथी जैन मंदिर में आचार्य भारत भूषण महाराज ने कहा कि सदविचारों के साथ धर्म के मार्ग पर आगे बढ़े। संत सदैव आत्म कल्याण के मार्ग के लिए प्रेरित करते हैं। संतों केे प्रवचनों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। सदविचार ही समाज को एकजुट रखते हैं। संगठित समाज ही धर्म मार्ग पर आगे बढ़ता है। जीवन में कटुता व राग द्वेष कोई स्थान मत दे। वात्सल्य भाव धारण करके परस्पर मैत्री भाव का विकास करें। भावों की विशुद्ध जिनके जीवन में होती है। प्रियांशी जैन ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत की।