किसान दिवस में नदारद दिखे किसान।
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किसान दिवस से प्रशासन की बेरुखी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल किसान दिवस यहां केवल रस्म अदायगी बनकर रह गया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित किसान दिवस में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। अफसरों के नहीं आने से किसान भी एक-एक कर समारोह से निकलते रहे। किसान दिवस में मात्र कुछ ही किसान शामिल हो पाए।
प्रत्येक माह में किसान दिवस का आयोजन कर किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के आदेश प्रदेश सरकार ने दिए हुए हैं। किसान दिवस में डीएम सहित सभी उच्चाधिकारियों का रहना अनिवार्य है। डीएम की अनुपस्थिति में सीडीओ या एडीएम जरूर रहते हैं। बुधवार को जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में आयोजित किसान दिवस में एक भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद दिखाई नहीं दिया। मंच को जिला कृषि अधिकारी जसबीर सिंह ही संभालते दिखाई दिए। कुछ विभागों के अधिकारी जरूर किसान दिवस में शामिल हुए, जो किसान शिकायत लेकर आए थे उन सबकी शिकायतें जिला कृषि अधिकारी ने ही एकत्र की। कुछ किसानों के सवालों के जवाब एलडीएम अमित बुंदेला ने जरूर दिए। 12 बजे किसान दिवस शुरू होना था, तो बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे, लेकिन उच्चाधिकारियों के नहीं आने से वह भी धीरे-धीरे निकल लिए। किसानों का कहना था कि प्रशासन ने इसे रस्म अदायगी बना दिया है। किसान दिवस के संबंध में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की शिकायतें प्राप्त कर ली गई है। इनका निस्तारण कराया जाएगा।