चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के साथ प्रशासन का भी चुनावी खर्च तय किया है। विधानसभावार कितना सरकारी धन चुनाव में खर्च होगा, बाकायदा इसकी डिटेल बनाकर आयोग ने प्रशासन को थमाई है। बुकलेट में बैरिकेडिंग से लेकर कुर्सी-मेज तक का किराया भी तय किया गया है।
सियासी दलों के नेताओं के बेइंतहा धन खर्च करने पर चुनाव आयोग ने पर कतर दिए हैं। केवल 28 लाख रुपये में प्रत्याशी चुनाव निबटाएगा। प्रत्याशियों के खर्च के लिए रजिस्टर बनेगा। साथ ही चुनाव आयोग ने एक विधानसभा में प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था बनाने में कितना धन व्यय होगा, इसका भी ब्यौरा बनाकर भेजा गया है। इतना ही नहीं प्रशासन कितने दिनों तक के लिए कुर्सी-मेज, माइक, बैरिकेडिंग के साथ लाउडस्पीकर का इस्तेलमाल कर धन को खर्च करेगा। इसकी की धनराशि तय की गई है।
चुनाव में प्रशासन स्टेशनरी, जग-मग, बाल्टी के साथ प्रकाश व्यवस्था की चीजों किस दर पर खरीदेगा। यह भी तय होकर आया है। आयोग की दर के हिसाब से जनपद में छह विधानसभाएं हैं, जिनमें चुनाव होना है। इसके लिए करीब साढ़े 15 लाख रुपये से अधिक धनराशि चुनावी व्यवस्था के लिए खर्च किए जा सकते हैं। जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारी भी चुनाव में व्यवस्था बनाने में फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। चूंकि आयोग ने निर्धारित धनराशि से बाहर जाने पर पूरा ब्यौरा तलब करने की हिदायत दी है।