बसपा की मंडलीय समीक्षा बैठक में नसीमुद्दीन सिद्दीकी का भाषण शुरू होते ही हंगामा खड़ा हो गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नेताओं पर टिकट बेचने और पार्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को ही कठघरे में खड़ा किया। भारी हंगामे के बीच नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। नेताओं पर खुलकर दलाली करने के आरोप लगाए।
बसपा की मंडलीय समीक्षा बैठक सोमवार को शाम पौने चार बजे जानसठ रोड स्थित पारस बैंक्वट हाल में शुरू हुई। बैठक में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर के प्रत्याशी और कार्यकर्ता शामिल रहे। इनमें मुख्य रूप से पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक अनिल कुमार, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व विधायक जगपाल, रविंद्र मोल्हू, नवाजिश आलम, प्रदीप सैनी, जिलाध्यक्ष कमल गौतम, कोआर्डिनेटर यशवीर गौतम, नरेश गौतम, अतर सिंह राव आदि मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में जैसे ही राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने भाषण में कहा कि हमें तन-मन-धन से मिशन को आगे बढ़ाना है। इस पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और उन्हीं पर टिकट बेचने के आरोप लगा दिए। कोआर्डिनेटरों पर खुलकर आरोप लगाए। हंगामा इतना ज्यादा हुआ कि नसीमुद्दीन को भाषण बीच में रोककर अलग कमरे में जाना पड़ा।
भारी हंगामे में हाथापाई तक की नौबत आ गई। बसपा के समर्पित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। कांशीराम तेरी नेक कमाई, इन दलालों ने गंवाई। स्थिति विस्फोटक होते देख 45 मिनट में ही मंडलीय समीक्षा को निपटा कर नसीमुद्दीन को खिसकना पड़ा। इस संबंध में जब जिलाध्यक्ष कमल गौतम से हंगामे का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि किसी तरह की हाथापाई नहीं हुई, समीक्षा बैठक थी कोई बड़ी बात नहीं हुई है।