शहर के नजदीक दो गांवों में रहने वाले रिश्तेदारों ने मुुंतलिब की फरारी में सहयोग किया है। सुजडू चुंगी स्थित ढाबे से रिश्तेदार युवक बस के पीछे खतौली तक गया था और बस से उतरने के बाद मुुंतलिब को लेकर गायब हो गया। इनमें से एक युवक को मेरठ से एसटीएफ ने उठा लिया है। सीसीटीवी कैमरे से पुलिस ने इसकी पहचान कर ली है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस मुुंतलिब के नजदीक पहुंच चुकी है।
पुलिस अभिरक्षा से फरार मुंतलिब की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सुजडू चुंगी पर ढाबे से ली गई सीसीटीवी फुटेज में शहर से सटे शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी युवक की पहचान हो गई है। सूत्रों की माने तो यह युवक बाइक से बस के पीछे गया था। दौराला क्षेत्र में मुुंतलिब के बस से उतरने के बाद युवक उसे बाइक पर बैठाकर नई मंडी कोतवाली के गांव पहुंचा, वहीं दोनों ने रात गुजारी। उसने मुुंतलिब के लिए गर्म कपडे़ और मोबाइल की व्यवस्था की है।
मंगलवार सुबह मुुंतलिब वहां से चला गया। मुुंतलिब की तलाश में जुटी मेरठ एसटीएफ गांव में पहुंची और मोबाइल उपलब्ध कराने वाले युवक को उठाकर ले गई। सूत्रों की माने तो मुुंतलिब आठ तारीख में ही फरार होना चाहता था, लेकिन उस दिन उसे मौका नहीं मिला। जनपद की क्राइम ब्रांच और मेरठ एसटीएफ मुुंतलिब के नजदीक पहुंच चुकी है। लेकिन इस संबंध में अधिकारी कुछ भी खुलकर बताने के लिए तैयार नहीं हैं।
पुरकाजी बन रहा टारगेट
मुजफ्फरनगर। सूत्रों की माने तो मुंतलिब अपने पुराने साथी फरार शाहरुख के साथ पुरकाजी में घटना को अंजाम दे सकता है। इसके निशाने पर भाकियू नेता है, जिससे उसकी पुरानी रंजिश है। मुुंतलिब के जनपद में अन्य जगहों पर रहने वाले रिश्तेदार और परिजन भूमिगत हो गए हैं, वहीं पुरकाजी में भी उसके मकान पर ताला पड़ा हुआ है। 2012 में भी दोहरे हत्याकांड से पुरकाजी थर्राया था, ऐसा दोबार होने की संभावना जताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच मेरठ, दौराला पुलिस ने दी दबिश
खतौली। पुलिस अभिरक्षा से फरार मुंतलिब पुत्र शराफत की तलाश में मंगलवार रात मेरठ क्राइम ब्रांच और दौराला पुलिस ने खतौली पुलिस के साथ मोहल्ला काजियान में दबिश दी। पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश से मोहल्ले के लोग जाग गए और उनमें अफरातफरी मच गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बस में सवार बंदी ने मोबाइल फोन से अपने साथी से बात की थी। जिस मोबाइल नंबर से उसने बात की थी। सर्विलांस के जरिए पता करने पर उस मोबाइल की लोकेशन मोहल्ला काजियान में निकली। बंदी का साथी अपराधी किस्म का है। दबिश के दौरान पुलिस के हत्थे साथी नहीं चढ़ सका। पुलिस उस मोबाइल की बात को छुपा रही है। जिससे बंदी ने फोन किया था। वह मोबाइल फोन पुलिसकर्मियों का भी हो सकता है।