शुकतीर्थ के प्रस्तावित मुख्य द्वार का नक्शा
मुजफ्फरनगर। एमडीए की ओर से शुकतीर्थ की जीआईएस आधारित महायोजना तैयार कराई जाएगी। महायोजना के आधार पर ही धर्मनगरी का सुनियोजित विकास होगा।
पौराणिक धर्म नगरी शुकतीर्थ को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। शासन की ओर से शुकतीर्थ विकास परिषद का भी गठन किया गया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास और निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
एमडीए अलग से क्षेत्र में विकास और निर्माण कार्य की योजना बना रहा है। इसके लिए तीर्थ की जीआईएस आधारित महायोजना तैयार कराई जा रही है। एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार में शामिल हुए राजस्व ग्रामों की जीआईएस आधारित महायोजना तैयार कराई जा रही है।
बताया कि इसी क्रम में शामली (शामली-कैराना) महायोजना 2031 के अतिरिक्त शेष क्षेत्र शुकतीर्थ की भी महायोजना तैयार कराई जाएगी। महायोजना तैयार कराने पर लगभग 70 लाख का खर्च आएगा।