मुजफ्फरनगर। वन विभाग और खादर की हजारों बीघा जमीन पर फर्जी पट्टेधारकों के माध्यम से कब्जा करने के आरोपी शिवकुमार ने झील बेचना स्वीकार कर लिया है। 24 घंटे की रिमांड पर हुई पूछताछ में शिवकुमार की स्वीकारोक्ति के बाद मुकदमे में दो धाराएं बढ़ा दी गई हैं।
जमीनों के फर्जीवाड़े के आरोपी लेखपालों का नेता शिवकुमार को क्राइम ब्रांच ने शनिवार सुबह दस बजे 24 घंटे के लिए रिमांड पर लिया था। शिवकुमार से क्राइम ब्रांच टीम ने जानसठ कोतवाली में दर्ज झील बेचने के मामले में लगातार पूछताछ की। शुरुआत में लेखपाल क्राइम ब्रांच टीम को लगातार बरगलाता रहा। इस पर एडीएम प्रशासन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी खुद क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे और आरोपी पूर्व लेखपाल से पूछताछ की। आईओ गजेंद्र सिंह ने बताया कि एडीएम प्रशासन की पूछताछ में घिरते हुए लेखपाल शिवकुमार ने झील बेचना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में उससे और भी कई अहम सुराग टीम को हाथ लगे। आईओ ने बताया कि पूछताछ में की गई स्वीकारोक्ति के आधार पर शिवकुमार के खिलाफ उपरोक्त मुकदमे में धारा 120-बी और 34 बढ़ा दी गई हैं। रविवार सुबह दस बजे 24 घंटे की रिमांड अवधि खत्म होने पर लेखपाल शिवकुमार को दोबारा जेल में दाखिल कर दिया गया है। इससे पहले लेखपाल जयभगवान को भी शनिवार सुबह रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी।