बागपत। गोद में अपने जुड़वां बेटों के शव लिए एसपी दफ्तर में पहुंची ढिकौली गांव की सरिता के आंसू रोके से भी नहीं रुक रहे हैं। उसका पति संजीत पुलिस वालों को बिलख - बिलख कर बता रहा है कि उसके ही परिवार के एक फौजी ने उसके जिगर के टुकड़ों की जान ली है। उसका आरोप है छुट्टी पर आए फौजी ने रंजिश में दीपावली पर सुनीता को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके गर्भ में ही छह माह के इन दोनों बच्चों की मौत हो गई। उसने मृत बच्चों को जन्म दिया। आरोप है सुनीता की सूचना पर पहुंची पुलिस फौजी को पकड़ने के बजाय यह कहकर लौट गई कि दीपावली पर तो ऐसी घटनाएं हो ही जाती हैं।
संजीत और सुनीता पहले एसपी दफ्तर पहुंचे, लेकिन भैया दूज की छुट्टी के कारण एसपी के न मिलने पर उनके आवास पर गए। उसने लिखित शिकायत देकर बताया परिवार के ही एक फौजी के साथ उसका मकान के बंटवारे का विवाद चल रहा है। इसमें चार महीने पहले झगड़ा हुआ था। उस केस में फौजी समझौते के लिए दबाव बना रहा था। उसने मना कर दिया।
संजीत ने बताया दीपावली की शाम छह बजे वह घर से बाहर था। तभी आरोपी फौजी उसके घर पहुंचा। उसने सरिता को लात-घूंसों से पीटा। उसकी हालत बहुत बिगड़ गई। उसे मेरठ के सिरोही नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां उसने जुड़वां मृत बेटों को जन्म दिया।
संजीत ने कहा घटना की सूचना100 नंबर पर उसने दी, सूचना पर पहुंचे थाना चांदीनगर के थानेदार ने कोई कार्रवाई करने के बजाय मजाक के लहजे में कहा दीपावली के त्योहार पर घर परिवार में इस तरह की घटनाएं तो होती रहती हैं।
15 साल से पिता लापता
संजीत के अनुसार15 साल पहले पिता आनंद पाल ढाका पर परिजनों ने हमला किया था। इसके बाद वे लापता हैं और आज तक नहीं मिले। तभी से यह रंजिश चल रही है। आरोप है चार माह पहले झगड़ा होने पर पुलिस ने उसकी ओर से रिपोर्ट नहीं लिखी। बाद में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।