मुजफ्फरनगर। दंगे के आरोपी जिला पंचायत सदस्य शाकिर अली की गिरफ्तारी से नाराज जमीयत उलेमा के जिला सदर मोहम्मद नजर ने थाने में ही मंसूरपुर एसओ को जमकर हड़काया। उन्होंने एसओ को इसके एवज में आईजी मेरठ जोन से ‘ईनाम’ दिलाने की भी चेतावनी दे डाली। हालांकि बाद में जिला सदर ने अपने बयान से पल्ला झाड़ लिया।
मंसूरपुर एसओ योगेश शर्मा ने शुक्रवार सुबह दंगे के आरोपी पुरबालियान निवासी जिला पंचायत सदस्य शाकिर अली को गिरफ्तार कर लिया। हंगामे की आशंका में मंसूरपुर पुलिस शाकिर अली को लेकर नई मंडी कोतवाली पहुंची और यहीं से कागजी लिखा पढ़ी पूरी कर उसे कड़ी सुरक्षा मेें जेल भेज दिया। इसी बीच शाकिर अली की गिरफ्तारी की सूचना पाकर जमीयत उलेमा के जिला सदर मोहम्मद नजर भी नई मंडी कोतवाली पहुंच गए। वहां एसओ मंसूरपुर योगेश शर्मा को मोहम्मद नजर ने शाकिर की गिरफ्तारी पर आड़े हाथों लिया। मोहम्मद नजर ने साफ कहा कि एसओ साहब! ये आपने अच्छा नहीं किया। दंगे के और भी तो आरोपी हैं, पहले उनकी गिरफ्तारी करते। जब तुम्हे आईजी साहब से शाकिर की गिरफ्तारी नहीं करने के लिए कहलवा दिया था तो फिर उसे क्यों पकड़ा गया? आपको तो आईजी साहब से इसका ‘ईनाम’ दिलवाया जाएगा और हां, हम दंगे के दूसरे आरोपियों की सूची आपको देंगे, उन्हें भी गिरफ्तार करके दिखाना, तब हम आपको ईनाम देंगे। मोहम्मद नजर को नजरअंदाज कर एसओ मंसूरपुर वहां से ऑफिस में चले गए। हालांकि शाम होते-होते नजर ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए एसओ को धमकी देने से इंकार किया। हालांकि मोहम्मद नजर के यह बोल कैमरे में कैद हो गए।
एसओ मंसूरपुर योगेश शर्मा का कहना है कि शाकिर की गिरफ्तारी को लेकर मोहम्मद नजर नाराज थे। हालांकि बाद में उन्हें समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया था।
मैंने कोई धमकी नहीं दी : नजर
जमीयत उलेमा के जिला सदर मोहम्मद नजर का कहना है कि शाकिर अली के मामले की तफ्तीश हाल ही में दूसरे विवेचक को ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने इस बाबत आईजी से बात की थी, जिन्होंने उनके सामने ही मंसूरपुर एसओ को विवेचना की रिपोर्ट आने तक शाकिर की गिरफ्तारी नहीं करने को कहा था। इसके बावजूद एसओ ने विवेचना पूरी होने से पहले ही शाकिर को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने एसओ को किसी तरह की धमकी नहीं दी।