मुजफ्फरनगर। मोहल्ला ब्रह्मपुरी से अगवा की गई लड़की को पुलिस ने शनिवार देर रात नेपाल बॉर्डर से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। लड़की को परिजनों के सुपुर्द किए जाने की मांग को लेकर लोगों ने पहले सिविल लाइंस थाने में हंगामा किया। बाद में महिला थाने में जबरन घुसकर तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने लड़की को मेडिकल के लिए भेजकर लोगों को शांत किया।
ब्रह्मपुरी की एक किशोरी के अपहरण के आरोप में 25 अगस्त को लद्दावाला निवासी परवेज, उसकी मां परवीन, भाई शावेज और तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पिता ने लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराए जाने की आशंका जताई थी। पुलिस ने उसी रात को साकेत कॉलोनी निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार कर लड़की को ले जाने में प्रयुक्त की गई होंडासिटी कार बरामद कर ली थी। शनिवार देर रात एसएसआई नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने लड़की को नेपाल बॉर्डर से बरामद कर आरोपी परवेज को गिरफ्तार कर लिया। रविवार की सुबह लड़की के परिजन हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस पर आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया गया। इसके बाद भीड़ महिला थाने जा पहुंची और लड़की को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह कार्यालय का दरवाजा बंद कर लोगों को रोका। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने महिला थाने में तोड़फोड़ करते हुए वहां रखे हुए गमले और कुर्सी तोड़ दी। महिला थाने में तैनात पुलिसकर्मी मधु शर्मा ने किसी तरह भीड़ को थाने से बाहर निकालकर मेन गेट बंद कर स्थिति को संभाला। तोड़फोड़ की सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी संजीव वाजपेयी ने भीड़ को हड़काते हुए वहां से भगा दिया। बाद में आनन-फानन में लड़की को मेडिकल के लिए भेज दिया गया। आरोपी परवेज को शाम के समय जेल भेज दिया गया। एसएसआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को लड़की के 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे, इसके बाद बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।