मंसूरपुर/खतौली। अनुबंधित बस के चालक परिचालक द्वारा मंसूरपुर से खतौली की सवारी नहीं लेने पर उपचार के अभाव में एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। जिस पर यात्रियों ने वहां पर हंगामा। पुलिस वालों ने उन्हें समझा बुझा कर शांत किया।
खतौली की एक महिला गुरुवार को अपने रिश्तेदार के यहां मंसूरपुर आई थी। वहां पर उसके मासूम बच्चे की हालत बिगड़ गई। वह देर शाम को अपने बच्चे को लेकर खतौली लौटना चाहती थी, वह बस अड्डे पर गई। इस दौरान वहां पर काफी सवारी खतौली की थी। काफी देर बाद मेरठ भैंसाली डिपो की अनुबंधित बस संख्या यूपी 12-टी-2053 वहां आई, मगर चालक और परिचालक ने खतौली के अंदर से जाने से इंकार करते हुए सवारियों को नहीं बैठाया। यात्रियों और महिला ने बीमार बच्चे के बारे में भी बताया, मगर परिचालक ने उन्हें बस में नहीं बैठाया और बस को लेकर चला गया। इसके कुछ देर बाद ही मासूम बच्चे की मौत हो गई। जिस पर गुस्साए यात्रियों ने वहां पर हंगामा कर दिया। खबर पाकर पुलिस वालों ने आकर उन्हें शांत किया। यात्रियों का कहना था कि यहां पर देर शाम को अक्सर ऐसा ही होता है, यदि बीमार बच्चे को लेकर खतौली जाकर उपचार मिलता तो शायद वह बस सकता था। पुलिस वालों ने एक डीसीएम रुकवा कर सभी यात्रियों को उसमें बैठा कर खतौली के लिए रवाना किया। यात्रियों ने इसकी शिकायत रोडवेज के अधिकारियों से भी फोन पर की है।