फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाशों के कर दिए गए टुकड़े-टुकडे़

Fri, 13 Sep 2013 05:36 AM IST
Muzaffar nagar
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। एक या दो नहीं बल्कि 38 लाशें गिर गईं। वह भी बेहद खौफनाक तरीके से। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि हत्यारे वहशी हो गए थे। चाकुओं के वार से इंसान छलनी कर दिए गए। सांप्रदायिकता की आंधी में मानवता तार-तार कर दी।
विज्ञापन

खूनी खेल में गिरी लाशों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि अधिकतर कत्ल धारदार हथियारों से बेरहमी से किए गए हैं। मृतकों के शरीर पर चाकू-छुरी के निशान हैं। वहशी अंदाज में एक या दो नहीं बल्कि कई-कई वार किए गए। अधिकतर पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. एमआर सिंह बताते हैं कि 20 लोगों की हत्या चाकू और धारदार हथियारों से की गई। गोली के मामले कम ही सामने आए हैं। किसी दूसरे बड़े हथियार का इस्तेमाल भी कम ही किया गया।

कहां-कहां हुए कत्ल
मुजफ्फरनगर। वीभत्स तरीके से मौत के घाट उतारने का सिलसिला एक या दो नहीं बल्कि कई जगह चला। पहले कवाल में यही खेल हुआ। इसके बाद जौली गंगनहर पर धारदार हथियार चले। कुटबा, लांक, बहावड़ी, लिसाढ़, मोहम्मदपुर राय सिंह आदि गांवों में धारदार हथियारों का ही इस्तेमाल किया गया।
विज्ञापन


वहशीपन की वजह
मुजफ्फरनगर। डीएवी डिग्री कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित मलिक कहते हैं कि पूरे घटनाक्रम में असुरक्षा और अफवाह एक बड़ा कारण देखने को मिल रहा है। कहीं न कहीं बलवाइयों के मन में दूसरे समुदाय को खत्म कर खुद सुरक्षित रहने की बात घर कर गई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें