कवाल (जानसठ)। कवाल में जो कुछ हुआ वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। युवक की मौत के बाद लोगाें की आंखों में ऐसा खून सवार हुआ कि सदियाें पुराने सौहार्द को भूलकर एक-दूसरे का खून बहाने पर आमादा हो गए। इसके बाद मामा-भांजे का जिस बेरहमी से कत्ल किया गया कि देखने वालों के रोंगटे खडे़ हो गए।
करीब 12 हजार की आबादी वाले कवाल गांव में कई बार फिजां बिगड़ने की नौबत आई, लेकिन मोअज्जिज लोगाें के प्रयासों से अराजक तत्व कभी कामयाब नहीं हो पाए। मंगलवार को हुई हिंसा ने गांव की छवि को ऐसा बदरंग किया कि बरसाें तक यह दाग मिट नहीं पाएगा। बच्चों की मुहंभाषा के बाद कड़वाहट इतनी बढ़ी कि गांव की शांति ही भंग हो गई। मरने वाले तीनों लोगों में किसी तरह की रंजिश नहीं थी और न ही कोई बड़ा विवाद था। हिंसा के पीछे बड़ी वजह छेड़छाड़ बताई जा रही है। मंगलवार को छेड़छाड़ जैसी कोई बात भी नहीं हुई। साइकिल के मामूली विवाद का सहारा इतनी बड़ी फसाद का कारण बन गया। शाहनवाज ने अकेले ही गौरव को सबक सिखाने के लिए रोका था। इत्तेफाक रहा गौरव का मामा सचिन मौके पर आ गया। उनके बीच हो रही मारपीट कई लोगाें के सामने हुई, लेकिन कोई उनके बीच नहीं आया। गंभीर चोट से शाहनवाज की मौत हुई तो लोग अपना आपा खो बैठे। हैवानियत की हदें पार करते हुए भीड़ ने दोनाें आरोपियाें को बेरहमी से मार डाला। दूसरा पक्ष भी उसी अंदाज में सामने आया तो बरसाें पुराना सौहार्द पलभर में काफूर हो गया और पूरे गांव की रंगत बदल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। नहीं तो यह हिंसा और भयावह हो सकती थी।