मुजफ्फरनगर, 1 फरवरी। सत्रह साल से भ्रष्टाचार की जंग लड़ रहे मास्टर विजय सिंह का धरना फिलहाल चलता रहेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चौसाना में 3700 बीघा सार्वजनिक भूमि के अवैध कब्जाें पर हो रही जांच पूरी होने तक उन्हें मोहलत मिल गई है। मास्टर विजय सिंह के लिखित में सुरक्षा को लेकर जिला कलक्ट्रेट में धरनारत रहने का कारण दिए जाने के बाद ही डीएम सुरेंद्र सिंह ने अपना फरमान वापस ले लिया है।
शामली जिले के झिंझाना और चौसाना क्षेत्र में चार हजार बीघा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के विरोध में मास्टर विजय सिंह बीते 17 साल से धरनारत हैं। एकाएक डीएम सुरेंद्र सिंह ने उन्हें धरना उठाने के निर्देश दे दिए थे। प्रशासन के रुख से हतप्रभ रह गए आंदोलनकारी सिंह का प्रकरण शुक्रवार को मीडिया की सुर्खियां बना तो डीएम से सामाजिक संगठनाें, अधिवक्ताआें और संघर्ष के साक्षी लोगाें ने मुलाकात की। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके जुनून और त्याग को देखते हुए पूरे मामले पर डीएम को अपने कदम वापस लेने पड़े। हालांकि डीएम ने कह दिया कि धरना जारी रखने की मोहलत लिखित में प्रार्थना-पत्र दिए जाने के बाद ही मिलेगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर चल रही शासन स्तर की जांच पूरी होने तक और सुरक्षा के कारण कलक्ट्रेट में धरनारत रहने की वजह का लिखित पत्र मास्टर विजय सिंह द्वारा प्रशासन को दिया गया है। जिसके बाद डीएम ने अपना निर्देश वापस ले लिया।