मुजफ्फरनगर, 24 नवंबर। माफिया सरगना सुशील मूंछ को तीसरे दिन भी कड़ी सुरक्षा में जेल से अदालत लाया गया। शनिवार को विरोधी सरगना नफीस अंसारी पर जानलेवा हमला करने के अलावा नई मंडी और रतनपुरी से गैंगस्टर के मामलों में पेशी हुई। पेशी के दौरान मूंछ के चेहरे पर मुस्कराहट साफ नजर आई।
सुशील मूंछ के जेल के सींखचों में पहुंच जाने के बाद अब पुराने मामलों की फाइलें खुल गई हैं और उन पर सुनवाई की प्रक्रिया भी चल गई है। शनिवार को जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा में वज्र वाहन से कचहरी लाया गया। इस दौरान मूंछ वकीलों से बात करता रहा। उसने मीडिया छायाकारों से कहा कि ‘अरे भई, बहुत हो गया, अब उसे कानूनी लड़ाई लड़ने दो’। 1999 में कचहरी परिसर में माफिया सरगना नफीस अंसारी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सुशील मूंछ को एसीजेएम द्वितीय न्यायाधीश विश्वनाथ की कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों की फाइल तो सेशन सुपुर्द हो गई थी, लेकिन सुशील मूंछ के फरार होने के कारण मूंछ की फाइल पेंडिंग चल रही थी। शनिवार को पेशी के बाद उसकी फाइल भी सेशन सुपुर्द कर दी गई। गौरतलब है कि गैंगवार के चलते 2004 में सुशील मूंछ गैंग ने नफीस अंसारी को कुरुक्षेत्र के लड़वा इलाके में गोलियों से भून दिया था। इसके अलावा नई मंडी और रतनपुरी में गैंगस्टर के मामले में मूंछ को एडीजे पांच की कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद लौटते समय काफिले के सामने एक कार के खड़ी थी, जिसे समर्थकों ने हाथों से ही उठाकर साइड में कर दिया। सुशील मूंछ के अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया कि अब 6, 10 और 17 दिसंबर को अलग-अलग मामलों में सुनवाई होनी है।