मुजफ्फरनगर, 3 सितंबर।
संसदीय कार्य और नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां की मौजूदगी में जिला योजना में 120 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखा दी गई। हैंडपंपों की गुणवत्ता और रिश्वतखोरी के आरोपाें को लेकर जल निगम के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया, जबकि बैठक से नदारद रहे भूमि विकास एवं जल संसाधन के एक्सईएन को भी निलंबित कर दिया गया। मंत्री ने विकास कार्यों में गति के साथ गुणवक्ता का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी।
जिला पंचायत के सभागार में प्रभारी मंत्री आजम खां की उपस्थिति में रविवार को हुई बैठक में जिला योजना के 120 करोड़ के विकास प्रस्तावाें पर गहन चर्चा हुई। तीन घंटे चली बैठक में बिजली और एमडीए को छोड़कर तमाम विभागाध्यक्षाें से प्रस्ताव संबंधी जानकारी ली। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियाें ने हैंडपंपों में धांधली और सुविधा शुल्क मांगे जाने की शिकायत की। मंत्री आजम खां ने तुरंत जल निगम के एक्सईएन सुशील कुमार गुप्ता को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में नहीं आए भूमि विकास और जल संसाधन (रामगंगा कमांड) के एक्सईएन जनार्दन को भी निलंबित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप, सांसद संजय चौहान, विधान परिषद सदस्य मुश्ताक चौधरी, विधायक नवाजिश आलम ने भी कार्ययोजना के प्रस्ताव दिए। मंत्री ने शुक्रताल को पर्यटन के रूप में विकसित करने समेत 120 करोड़ रुपये की जिला योजना पर मुहर लगाई। बैठक में डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी बीबी सिंह समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मंत्री के घर आजम
से धक्का-मुक्की
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप के आवास पर कार्यकर्ताओं द्वारा की गई धक्का-मुक्की को लेकर बिफर पड़े। मंत्री यहां बिना रुके ही निकल गए।
दरअसल, जिला योजना की बैठक में भाग लेने के साथ मंत्री आजम खां का राज्यमंत्री के आवास पर पहुंचने का कार्यक्रम था। आजम खां से मिलने के लिए राज्यमंत्री के आवास पर सैकड़ाें कार्यकर्ताआें का जमावड़ा लगा हुआ था। आजम खां का काफिला बैठक के बाद मंत्री चितरंजन के आवास पर पहुंच गया। आजम खां कार से उतरकर गेट पर पहुंचे। इसी दौरान मंत्री से मिलने की होड़ में कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की कर दी। इस पर मंत्री बिफर पड़े और चितरंजन के आवास के अंदर जाने के बजाय वापस अपनी कार में बैठ गए। इसके बाद उनका काफिला बेगराजपुर के लिए रवाना हो गया। आजम के न आने के कारण चितरंजन के आवास पर की गई तमाम तैयारियां धरी रह गईं।
दिनभर छुटते रहे पसीने
आजम खां के दौरे को लेकर दिनभर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियाें के पसीने छूटते रहे। रात ढाई बजे तक अमला जिला योजना को अंतिम रूप देने में लगा रहा। वैसे तो मंत्री के आने का समय सुबह नौ बजे का था, लेकिन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सुबह छह बजे ही ड्यूटी पर लगा दिया गया था। दिनभर अधिकारी फूंक-फूंक कदम रखते रहे। जिला योजना की बैठक शुरू होने से पहले विभागाध्यक्षों को हिदायत दी गई थी। आखिर में मंत्री चितरंजन के आवास पर धक्का-मुक्की से आजम बिफरे तो अधिकारी सकते में आ गए। मंत्री के जिले से प्रस्थान करने के बाद ही अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
सपा नेताआें का जमावड़ा
मोहम्मद आजम खां से मिलने के लिए सपा नेताआें का जमावड़ा रहा। लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पर राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप, पूर्व सांसद अमीर आलम खान, पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह, विधायक नवाजिश आलम, सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, जिला पंचायत सदस्य पंकज त्यागी, सपा के प्रदेश सचिव शवाब जैदी, नितिन बालियान, इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार आदि ने संसदीय कार्य मंत्री की अगवानी की।
ट्रामा सेंटर बनाने का प्रस्ताव
रालोद के विधान परिषद के सदस्य मुश्ताक चौधरी ने जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया। संसदीय कार्य मंत्री ने डीएम को अगली योजना में ट्रामा सेंटर के प्रस्ताव को रखने के लिए कहा है। बुढ़ाना विधायक नवाजिश आलम ने हिंडन नदी पर पुल बनाने की मांग की। तावली में स्टेडियम की मांग की गई।