मुजफ्फरनगर। बिना दावे वाले यानी अनक्लेम्ड चार लाख 18 हजार बैंक खातों में जिले के उपभोक्ताओं के 92 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की संयुक्त पहल पर पांच दिसंबर को विकास भवन में जागरुकता शिविर आयोजित किया जाएगा। बैंक अधिकारी लोगों को उनके रुपये वापस दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी देंगे। शिविर में विभिन्न बैंकों की 300 शाखाओं के खातों के मामलों का निपटारा किए जाने की तैयारी चल रही है।
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) अनिल सिंह की अध्यक्षता में एलडीएम कार्यालय में विशेष बैठक में शिविर को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई। एलडीएम ने बताया कि यह मुख्य लक्ष्य उन लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिनकी संपत्ति विभिन्न कारणों से खातों में पड़ी है। यह अभियान वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और नागरिकों को उनके अर्जित धन तक पहुंचने में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर में बैंक खातों में पड़ी निष्क्रिय राशि का निपटारा किया जाएगा। शिविर का लाभ न केवल मूल खाताधारक या पॉलिसीधारक उठा सकते हैं, बल्कि उनके कानूनी उत्तराधिकारी भी अपनी पहचान साबित करके इन संपत्तियों का दावा कर सकते हैं।
डिजिटल समाधान और वित्तीय समावेशन प्रदर्शनी
एलडीएम ने बताया कि पांच दिसंबर को कैंप में नागरिकों को अपनी भूली या खोई हुई संपत्तियों को खोजने, अपने रिकॉर्ड अपडेट करने और दावा करने की पूरी प्रक्रिया में चरणबद्ध डिजिटल सहायता प्रदान की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वैध नागरिक या उनके कानूनी उत्तराधिकारी अपनी अर्जित राशि को आसानी से और बिना किसी झंझट के प्राप्त कर सकें।