व्यवस्थाओं में सुधार की दी हिदायत
पुरकाजी। एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने बुधवार को पुरकाजी सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक व लैब और प्रसूति गृह व आवासों आदि का निरीक्षण किया। कर्मचारियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधा और मरीजों से कुशल व्यवहार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सक अभ्युदय सिंह ने एसडीएम को बताया कि पिछले काफी समय से अस्पताल में लैब व आँखों की जांच करने वाले टेक्नीशियन के पदों पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिससे मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। एसडीएम द्वारा जानकारी करने पर बताया कि ब्लाक में कुल 2406 आयुष्मान कार्ड बने हुए हैं। इस दौरान एसडीएम अस्पताल में होने वाली ओपीडी व प्रसव आदि के मरीजों के बारे में जानकारी कर करीब डेढ़ घंटे तक निरीक्षण कर लौट गए। एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि रूटीन निरीक्षण कर अस्पतालों की व्यवस्था देखी गई है। अस्पताल में एक लैब व एक आंखों की जांच करने वाले टेक्नीशियन के पदों पर कोई तैनाती नहीं होने की जानकारी दी गयी है। जिसके लिए विभाग को उन पदों पर तैनाती करने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा फलोदा अस्पताल पर तीन कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिले हैं, जिसकी जांच की जाएगी। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सर्वेश कुमार, कानूनगो अली हसन, लेखपाल यशपाल आदि लोग मौजूद रहे।
एक दिन में 29 लोगों को रेबीज इंजेक्शन लगाए
पुरकाजी। जब एसडीएम सदर अस्पताल में दवाइयों के स्टॉक का रजिस्टर चेक कर रहे थे, तो उन्होंने अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन के बारे में फार्मासिस्ट से जानकारी की। फार्मासिस्ट ने बताया कि 20 अप्रैल को अस्पताल में रेबीज के 30 इंजेक्शन आए थे, जिनमें से 24 इंजेक्शन मरीजों को लगा दिए गए हैं। बताया कि मंगलवार को 29 लोगों को इंजेक्शन लगाए गए हैं। इस पर एसडीएम ने एक दिन में इतने लोगों को रैबीज का इंजेक्शन लगाने पर हैरानी जताई। हालांकि एसडीएम ने इस पर कोई विशेष ध्यान न देकर इसे नजरअंदाज करते हुए अन्य दवाइयों की जानकारी करते हुए रजिस्टर चेक किया। इसके पूर्व एसडीएम ने फलौदा अस्पताल का निरीक्षण किया जहां पर तैनात सात कर्मचारियों में चार ही कर्मचारी ड्यूटी पर मिले। तीन कर्मचारियों की सीएल मिली, जिस पर एसडीएम ने प्रभारी चिकित्सक को व्यवस्था में सुधार करने की हिदायत दी।