मुकदमों की प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भिजवाएं
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं का उदेश्य अपराधियों को लम्बी अवधि के लिए सलाखों के पीछे भिजवाने का होना चाहिए। मुकदमों को लंबी अवधि तक लटकाया नहीं जाना चाहिए। पुराने वादों को वरियता के आधार पर निपटाया जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में अभियोजन प्रक्रिया की मासिक समीक्षा में डीएम ने कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं को एक अभियोग रजिस्टर बनाना चाहिए, जिसमें समस्त केस का विवरण अंकित हो। सभी अधिवक्ता एक डायरी को मेनटेन करेंगे, जिसमें प्रतिदिन के मुकदमों का विवरण भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि गवाहों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। अगर पुलिस केस में धारा तब्दील करती है तो उसकी जीडी में एंट्री अवश्य की जाए। आईओ अस्पताल से बीएचटी (बेड हेड टिकट) अवश्य प्राप्त करें। मुकदमे में सरकारी गवाह की गवाही प्रत्येक दशा में कराई जाए। अभियोजन प्रक्रिया को और अधिक चुस्त दुरुस्त एवं व्यावहारिक बनाएं, ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कठोर सजा दिलाई जा सके। अभियोजन प्रक्रिया को गतिमान करने के लिए एसपीओ अपने स्तर पर भी सप्ताह में नियमित बैठक में वादों की समीक्षा करें। आपराधिक तत्वों के हौसले तभी पस्त होंगे, जब शासकीय अधिवक्ता प्रभावी पैरवी करेंगे। एसपी क्राइम आरबी चौरसिया, एसपी देहात आलोक शर्मा , एडीएम प्रशासन अमित सिंह, नगर मजिस्ट्रेेट अतुल कुमार के अलावा सभी एसडीएम, एसपीओ, एपीओ, डीजीसी, एडीजीसी मौजूद रहे।