बेटी ने महिला के चिता को मुखाग्नि दी
मुजफ्फरनगर। सेवानिवृत्त शिक्षिका के निधन पर उनकी बड़ी विवाहित पुत्री ने नई मंडी स्थित मुक्तिधाम में उनकी चिता को मुखाग्नि दी। विवाहित बड़ी बेटी ने ही आम परंपरा से हटकर खुद ही मां के अंतिम संस्कार के सारे कर्तव्य निभाते हुए एक मिसाल कायम की।
शहर के जानसठ रोड निवासी कन्हैया लाल गुप्ता बिजली विभाग से सेवानिवृत हैं। उनकी पत्नी प्रेमलता भी शिक्षिका पद से सेवानिवृत्त थीं, जिनका शनिवार को शाम के समय निधन हो गया था। कन्हैयालाल गुप्ता व प्रेमलता के परिवार में कोई बेटा नहीं है। दंपती की चार बेटियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी आरती गोयल की शादी एयरफोर्स में बतौर अफसर तैनात अधिकारी प्रमोद गोयल से हुई है। शनिवार शाम मां प्रेमलता के निधन की जानकारी मिलने पर उनकी चारों बेटियां मायके पहुंचीं और मां को अंतिम विदाई दी। दंपती के कोई बेटा नहीं होने के चलते उनकी बड़ी पुत्री आरती गोयल ने अंतिम संस्कार की सभी रस्मों-रिवाजों का पालन किया। समाज के मोअज्जिज लोगों ने बड़ी बेटी द्वारा किए गए अंतिम संस्कार से जुड़े रस्मो-रिवाज करने की सहज स्वीकृति दी, जिसके बाद रविवार सुबह आरती गोयल शवयात्रा के साथ शहर के नई मंडी स्थित श्मशान घाट पहुंचीं, जहां उन्होंने अश्रूपुर्ण नेत्रों के साथ न केवल अंतिम संस्कार के सभी कर्म किए। वहीं, बाद में मां की चिता को मुखाग्नि भी दी।