मुजफ्फरनगर। भीम आर्मी द्वारा जनपद मुख्यालय पर शनिवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इसके बावजूद ऐहतियातन शहर के नुमाइश ग्राउंड, जीआईसी मैदान व कचहरी परिसर में तीन सीओ के साथ ही भारी पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ विगत दो अप्रैल को विभिन्न दलित संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद के दौरान शहर क्षेत्र में व्यापक हिंसा हुई थी। इसमें गादला के अमरीश नामक युवक की बलवे के दौरान गोली लगने से मौत भी हो गई थी। तभी से भीम आर्मी के कई पदाधिकारियों के साथ ही शहीद उधम सिंह सेना के जिलाध्यक्ष व अन्य लोग जेल में बंद हैं। कुछ दिन पूर्व भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने दो अप्रैल के बवाल में जेल में बंद दलित नेताओं से मुलाकात करने के साथ ही उनके परिजनों से भी बात करने के बाद एक दिसंबर को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की मंजूरी मांगी थी, जिसे प्रशासन ने दो अप्रैल के बलवे को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार शाम नामंजूर कर दिया है। हालांकि मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में शहर में आने की आशंकाओं के चलते शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। वहीं, ऐहतियातन शहर के नुमाइश मैदान, जीआईसी ग्राउंड और कचहरी परिसर में तीन सीओ के साथ ही कई थानों के फोर्स की ड्यूटी लगा दी गई है। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि शहर क्षेत्र व आसपास भी सभी थानेदारों को प्रभावी गश्त लगाने के आदेश दिए गए हैं।