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अल्पसंख्यक किसानों को एसटी में दर्शाया

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अल्पसंख्यक किसानों को अनुसूचित जनजाति में दर्शाया
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर । कृषि विभाग की कृषि यंत्र खरीद योजना के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के किसानों को अनुसूचित जनजाति का दर्शाया गया। सत्यापन के दौरान मामला पकड़ में आया तो सब्सिडी रोक दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने सदर और जानसठ उप संभाग से इस संबंध में उप निदेशक कार्यालय को पत्र लिखकर किसानों की जाति का पूर्व में ही सत्यापन कराने का अनुरोध किया है।
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कृषि विभाग में संचालित कृषि यंत्र खरीद में अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को सामान्य से ज्यादा सब्सिडी मिलती है। इसके लिए किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना होता है और यंत्र खरीदकर बिल उप निदेशक कार्यालय में सब्सिडी के भुगतान के लिए जमा करने होते हैं। कृषि उप संभाग सदर को उप निदेशक कार्यालय से सत्यापन के लिए भेजे गए बिलों में से शफीक अहमद पुत्र मुश्ताक अहमद निवासी सिसौना तथा जानसठ उप संभाग के नवाब पुत्र अशरफ और शहजाद पुत्र अशरफ को भी अनुसूचित जनजाति का दर्शाया गया है। सत्यापन के दौरान मामला पकड़ में आया। दोनों उप संभागों के कृषि प्रसार अधिकारियों ने उप निदेशक को पत्र लिखकर बिल सत्यापन से पूर्व किसानों की जाति सत्यापित कराने का अनुरोध किया है। मामले में उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार का कहना है कि आनलाइन पंजीकरण में किसानों ने अपनी जाति गलत दर्शा दी गई होगी। सब्सिडी का भुगतान करने से पहले सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन में सब कुछ ठीक मिलने के बाद ही सब्सिडी दी जाती है। पकड़ में आए मामलों में भी सब्सिडी का भुगतान नहीं किया गया है।
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