नेशनल हाईवे पर बन गया अवैध मार्केट
मुजफ्फरनगर। अवैध निर्माण से दिल्ली-दून नेशनल हाईवे तक नहीं बच पा रहा है। पिछले एक माह में बिना नक्शे के अवैध मार्केट, रिसोर्ट बनाने का मामला उजागर हो चुका है। नए खुलासे में एनएच-58 पर शहर से मेरठ की ओर तिराहे के पास पर्दे में ढककर अवैध मार्केट बना दी गई।
खतौली के भंगेला में 15 हजार वर्ग मीटर में एमडीए से बिना नक्शा स्वीकृति के लग्जरी रिसोर्ट बनाने का मामला अभी फाइलों में उलझा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी और सिंचाई विभाग की एनओसी लिए बिना एक साल तक निर्माण होता रहा। नया मामला संधावली पुल के पास मुजफ्फरनगर शहर की एंट्री से पहले का है। एनएच-58 पर मेरठ की ओर नियम-कानून को ताक पर रखकर मार्केट बनती रही। बचाव के लिए काली पन्नी से दूर तक ढक दी गई। बिना नक्शे के दुकानें बनती रही। हैरत की बात यह है कि नेशनल हाईवे की भूमि परिधि से तीस मीटर पीछे जाकर ही कोई निर्माण कार्य हो सकता है। निर्माण कर्ता को बिल्डिंग के आगे नाले और सात मीटर की सड़क भी बनानी होगी। जैसा खतौली रिसोर्ट के मामले में हुआ, वैसे ही यहां भी एनएचएआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। एमडीए को नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन तक नहीं किया गया।
मंसूरपुर पुलिस को निर्माण रुकवाने की भेजी रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। एमडीए के क्षेत्रीय जेई ओम सिंह तोमर ने माना कि नेशनल हाईवे पर गलत तरीके से मार्केट बना दिया गया है। निर्माण कार्य पर रोक के लिए मंसूरपुर थाना प्रभारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
दिल्ली-दून नेशनल हाईवे पर अवैध तरीके से मार्केट बनाई गई है। एमडीए और एनएचएआई के नियमों के अनुसार यहां मार्केट बन ही नहीं सकता। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
एसपी सिंह, मुख्य अभियंता, एमडीए।