मुजफ्फरनगर। आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज में श्रीमद्भागवत कथा महापुराण एवं कथा ज्ञान यज्ञ में कथाव्यास पंडित श्री सीताराम त्रिपाठी व्यास ने सुदामा चरित्र, व्यास पूजन, फूलों की होली का सुंदर वर्णन किया।
कथाव्यास त्रिपाठी ने कहा कि सुदामा भले ही श्रीकृष्ण भगवान के सखा हो, लेकिन श्रीकृष्ण ने भी साक्षात मानवी रूप को ज्ञात कराया है कि भाग्य से ज्यादा और समय से पहले से किसी को भी कभी कुछ नहीं मिलता है, इसलिए मानवीय रूप को सोचना होगा कि जितना भी हो सके वो इतना अपने जीवन को भक्तिमय करे ताकि उसके जीवन का उद्घार हो सके। सुदामा सखा रूप में भगवान श्रीकृष्ण के साथ खेलकर बड़े हुए लेकिन उसकी गरीबी कब हटी जब ठाकुर जी द्वारिकाधीश के राजा बने और राजा बनने के बाद उस पर वो कृपा हुई, तब जाकर ठाकुर जी की कृपा बनी। हर मानवीय रूप को सोचना होगा कि वह ठाकुर जी का गुणगान करे ठाकुर जी कब किस समय किस पर कृपा कर दे ये किसी को भी नहीं पता। कथा में मुख्य रूप से अशोक गर्ग पूर्व सभासद, बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल राजवंशी, राघव गर्ग, तपन गर्ग, मयंक गर्ग, शोभित मित्तल, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, लक्की, राजन, अनुराग शर्मा, प्रियांशु गर्ग, प्रिसं गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, आकाश वर्मा, मोहित गोयल, मोनू कैंटर्स, संजय सिंघल, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।