भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर विबग्योर स्कूल में बच्चों ने सामूहिक गान से देशभक्ति गीत सुनाए। स्वतंत्रता संग्राम और हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्र भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के उनके महान कार्यों को याद किया गया।
रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में छात्र-छात्राओं ने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी पंडित गोविंद वल्लभ पंत का भावपूर्ण स्मरण किया। प्रीति, दिनकर, राशू, मनस्वी, शगुन, इशिका आदि ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। संस्था निदेशिका निशा त्यागी ने कहा कि पंत ने आजादी के आंदोलन में संघर्ष किया। काकोरी कांड के शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह की ओर से कोर्ट में वकालत की। गणित, साहित्य और राजनीति विषय में वे मेधावी विद्यार्थी रहे। भारत को भाषा के मुताबिक राज्यों में विभक्त करने में पंत की अहम भूमिका थी। बच्चे महापुरुषों के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लें। पंत की देशभक्ति अतुलनीय थी। उप प्रधानाचार्य अनुराधा शर्मा ने कहा कि हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने को उन्होंने पहल की। हमें उनके आदर्श जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन सुषमा गुप्ता ने किया।