सात दिन बाद भी नहीं लौटीं बालिकाएं
खतौली। गांव तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सात दिन बीत जाने के बाद भी बालिकाएं नहीं लौटीं। मात्र गांव तिगाई की एक बालिका रोज पढ़ने के लिए आती है। उस बालिका को भी घर भेज दिया जाता है। नया स्टाफ भी रोज अभिभावकों को मनाने के लिए उनके घर पहुंच रहा है।
विद्यालय में बालिकाओं के कपड़े उतरवाने के मामले में मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोषी मानते हुए शिक्षिकाओं समेत 12 स्टाफ की संविदा समाप्त कर दी थी। 21 जुलाई को संविदा समाप्त करने तथा स्टाफ को पुलिस बल के साथ विद्यालय से बाहर निकालने को लेकर अभिभावकों ने बखेड़ा कर दिया था। स्टाफ के विद्यालय से निकले जाने पर अभिभावक अपनी सभी बालिकाओं को सामान समेत घर वापस लेकर चले गए थे। उसी दिन से बालिकाओं के नहीं आने से विद्यालय में ताला लटका हुआ है।
नया स्टाफ प्रतिदिन सुबह विद्यालय पहुंचता है और वहां से अभिभावकों को मनाने के लिए उनके गांव निकल जाता है। गांव तिगाई की मात्र एक बालिका रोज स्कूल में बस्ता लेकर पढ़ाई करने के लिए जाती है। स्टाफ उसको भी छुट्टी देकर वापस घर भेज देता है। सात दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद अभिभावक अपनी बालिकाओं को विद्यालय भेजने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। नया स्टाफ अभिभावकों को मनाने में लगा हुआ है। इसके बावजूद अभिभावक नहीं मान रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी मीडिया को कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।