कांवड़ यात्रा को लेकर रोडवेज डिपो अधिकारियों ने माथापच्ची शुरू कर दी है। सावन के पहले सोमवार से भोले शंकर के भक्त कांवड़ उठाकर जल लेने निकलेंगे। इसको लेकर हरिद्वार मार्ग प्राथमिकता में शामिल किया है। फिलहाल डिपो कचहरी मार्ग पर ही रहेगा, यहां से जरूरत के मुताबिक रोडवेज बसों का रूट बदला जाएगा। डिपो अधिकारियों का फोकस इस पर भी कि कांवड़ यात्रा के दौरान आम यात्रियों को भी सरल सफर दिया जा सके।
सोमवार सुबह से शिवभक्त कांवड़ियों का हरिद्वार की ओर बढ़ना शुरू होगा। इसके चलते हरिद्वार मार्ग पर ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा। वहीं, कांवड़ियों को आसान सफर सेवा देने के लिए रोडवेज डिपो ने भी कमर कस ली है। कांवड़ियों के लिए जनपद से भी बड़ी संख्या में बसे लगाई गई हैं। वहीं, दिल्ली, हरिद्वार के साथ कई मार्ग पर रोडवेज बसों का रूट शनिवार रात से बदल जाएगा। शनिवार को डिपो अधिकारियों ने रूट चार्ट के साथ किराया सूची बनाने के लिए खूब माथापच्ची की। हरिद्वार मार्ग को मुख्य फोकस में रखा गया है। कांवड़ियों का पहला सप्ताह इस मार्ग पर हरिद्वार की ओर प्रस्थान करने वालों की भीड़ होगी। जबकि दूसरे सप्ताह में कांवड़ियों का शिवालयों की ओर रुख रहेगा।
इसको लेकर डिपो पर्याप्त रूप में रोडवेज बसें चलाएगा। गांव-गांव की पगडंडी पर रोडवेज अपना चक्कर लगाएगी। वहीं, अन्य मार्गों पर जरूरत के मुताबिक रोडवेज डिपो की बसे अपना रूट बदलेगी। फिलहाल डिपो को कचहरी मार्ग से संचालित किया जाएगा। डिपो अधिकारियों ने इस पर भी मंथन किया है कि कांवड़ यात्रा में आम यात्रियों को कोई दुविधा न रहे। वर्तमान में शहर से दर्जनभर ट्रेन रद्द चल रही हैं। जिससे डिपो पर दबाव बढ़ा हुआ है। सहारनपुर और मेरठ रूट पर यात्रियों का अधिक अधिक प्रेशर है।
उधर, डिपो में गैरहाजिर चल रहे चालक-परिचालकों की सूची बनाने के साथ उन्हें नोटिस भेजकर ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान चालक-परिचालकों की छुट्टी पर रोक रहेगी। उधर, एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर रोडवेज पूरी तरह से तैयार है। शिवभक्तों के साथ आम यात्रियों को भी बेहतर सुविधा रहेगी। जरूरत के हिसाब से बसों का रूट बदला जाएगा ताकि कोई दुविधा न रहे।
बसों की मरम्मत पर भी जोर
मुजफ्फरनगर। वर्कशॉप में खड़ी होने वाली बसों की भी तेजी के साथ मरम्मत की जा रही है, क्योंकि बसों को कांवड़ यात्रा में अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। जिस कारण इंजन गर्म होने के साथ मशीनरी अधिक चलने पर कोई परेशानी न बने। इसको लेकर बसों में मामूली खामियों को भी दूर किया जा रहा है। सीट, शीशों के साथ अन्य वस्तुओं को दुरुस्त रखा जा रहा है।