मुजफ्फरनगर। शहर में प्रतिदिन 170 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। बीते 16 वर्षों से यह कूड़ा किदवईनगर के एटूजेड प्लांट पर डाला जा रहा है। इस प्लांट की 84 बीघा जमीन अब कूड़े के पहाड़ में तब्दील हो चुकी है। कूड़ा निस्तारण की पालिका की योजना ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया के बाद भी ठेकेदार का भुगतान नहीं किए जाने से खटाई में पड़ी है।
पांच माह पूर्व फरवरी में प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने शहर के किदवईनगर स्थित एटूजेड प्लांट में स्थित कूडे़ के निस्तारण के लिए लगाई गई मशीन का उद्घाटन किया था। यहां 84 बीघा जमीन पर कई साल से कूड़ा गिर रहा है। यहां लगाई गई मशीन की प्रतिदिन 350 मीट्रिक टन कूडे़ का निस्तारण करने की क्षमता है। 39 लाख 50 हजार में लगाई गई मशीन का भुगतान नगर पालिका को करना था। इसके अलावा पालिका को 293 रुपये मीट्रिक टन के हिसाब से गाजियाबाद के अंकित अग्रवाल की कंपनी को भुगतान करना है।
कूड़े से कंपनी को जैविक खाद और सीमेंट बनाना था। कूड़ा निस्तारण की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी। पालिका को 31 मार्च तक मशीन का भुगतान करना था, लेकिन सिस्टम की अंधेरगर्दी में भुगतान नहीं हुआ। कंपनी ने कूड़ा निस्तारण का कार्य बंद कर दिया। पांच माह से काम बंद पड़ा है। शहर विधायक और प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल को उद्घाटन के बाद से अब तक यह जानने की फुर्सत नहीं मिली की कूड़ा निस्तारण हो क्यों नहीं रहा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और उद्घाटन के समय मौके पर रहने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह और डिप्टी कलेक्टर अजय अंबष्ट ने भी कोई सुध नहीं ली। कूडे़ के पहाड़ निरंतर बढ़ता जा रहा है।
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सीएम की प्राथमिकता में है योजना
कूड़ा निस्तारण की योजना सीएम योगी की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री प्रदेश की नगर पालिकाओं के चेयरमैन से इस संबंध में वर्चुअल मीटिंग कर चुके हैं। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल बता चुकी हैं कि कूड़ा निस्तारण पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन कंपनी का भुगतान नहीं होने से काम बंद हैं।
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कोट...
कूड़ा निस्तारण की हमारी योजना पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर है। अफसरों का सहयोग नहीं मिलने के कारण हम पिछड़ रहे हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए लगाई गई मशीन का भुगतान करने के लिए ईओ को पत्र लिखा जा चुका है। बोर्ड में प्रस्ताव पहले से ही पास है। बजट भी पास हो चुका है। - अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन
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- कूड़ा निस्तारण प्लांट पालिका के अंतर्गत आता है। प्लांट चलना चाहिए, अधिकारियों से बात की थी, अब मैं दोबारा बात करता हूं। कूड़ा निस्तारण जरूरी है। - कपिलदेव अग्रवाल, राज्यमंत्री।