चुनावी सीजन में ठिठक गया पंजीकरण
मुजफ्फरनगर। लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने से पहले आनन-फानन में शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की रफ्तार ठिठक गई है। चुनावी माहौल में पंजीकरण में तेजी नहीं नजर आ रही है। अब तक केवल 5,375 श्रमिकों के ही पंजीकरण हुए हैं, जबकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की बड़ी संख्या है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को लाभ दिया जाना है। श्रमिकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 60 वर्ष की आयु से उन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन मिलेगी। श्रमिक किसी भी जनसुविधा केंद्र से योजना में पंजीकरण करा सकता है। इस योजना में ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत मानदेय पर कार्य करने वाले रोजगार सेवक तथा मनरेगा श्रमिकों का भी पंजीकरण होगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत आशा वर्कर मानदेय पर कार्यरत हैं। इनका भी पंजीकरण होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। लाभार्थी की आय 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक होनी चाहिए।
20 साल बाद मिलना शुरू होगा लाभ
योजना में पंजीकरण कराने वाले व्यक्ति को वर्षों बाद जाकर लाभ मिलना शुरू होगा। यदि श्रमिक की आयु 18 वर्ष है तो उसे 42 साल बाद पेंशन मिलनी शुरू होगी। 40 साल की आयु में पंजीकरण कराने वाले को 20 साल बाद योजना का लाभ मिलेगा।
110 से 400 रुपये तक करना होगा योगदान
पंजीकरण कराने वाले श्रमिक को अलग-अलग आयु के हिसाब से योजना में योगदान करना होगा। यदि श्रमिक की आयु 18 वर्ष है तो उसे प्रतिमाह 55 रुपये जमा करने होंगे। 30 वर्ष की आयु पर 105 रुपये तथा 40 वर्ष की आयु वाले श्रमिक को 200 रुपये प्रतिमाह जमा करने होंगे। इसके अलावा अलग-अलग आयु वाले श्रमिक के लिए अलग-अलग सहयोग राशि निर्धारित है। इतना ही योगदान केंद्र सरकार देगी। यह योजना भारतीय जीवन बीमा निगम से कनेक्टेड है।