कुसंगति सभी बुराइयों की जड़ : चंद्रदेव
मुजफ्फरनगर। स्वामी चंद्रदेव ने कहा कि कुसंगति सभी बुराइयों की जड़ है। श्रेष्ठ संगति से ही जीवन महान बनता है। युवा पुरुषार्थ, सत्य और संस्कारों के गुणों से आगे बढ़े।
सरकुलर रोड स्थित वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर मेरठ के कंकरखेड़ा से पधारे स्वामी चंद्रदेव ने कहा कि कुसंगति से अच्छे व्यक्ति में भी दोष आ जाता है। गलतियां सुधारने के लिए तत्पर रहे। श्रेष्ठ संगति जीवन को सफल बनाती है। शुद्ध विचार, आहार और शिष्टाचार से व्यक्तित्व निर्माण होगा। अभिभावक बच्चों को यज्ञ, संध्या, योग और साहित्य से जोड़े। गोवंश की रक्षा और सेवा के लिए सरकार के साथ नागरिकों को भी सार्थक प्रयास करने चाहिए। विद्यार्थी परीक्षा में सफलता के लिए सवेरे उठे, आलस्य त्यागे और गायत्री मंत्र का जाप करें। उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बुजुर्ग और बड़ों के प्रति शालीनता, विनम्रता का भाव रखने से उन्नति होती है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि संस्कृति और संस्कारों के प्रति परिवार जागरूक बने। घरों में यज्ञ परंपरा से भावी पीढ़ी का मानसिक, बौद्धिक और चारित्रिक विकास होगा। इससे पूर्व, वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। आदित्य आर्य, अथर्व भारद्वाज, हर्षवर्धन, लक्ष्य देव, अनन्या दत्त आदि मौजूद रहे।