भागवत से भक्ति मिलती है : स्वामी ओमानंद
मोरना। शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण में भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भागवत मोक्ष तथा लोक कल्याण का साधन है। भागवत से भक्ति मिलती है और मोक्ष की पराकाष्ठा है। मनुष्य स्वयं के मोक्ष तथा जगत के कल्याण के लिए सतत सार्थक प्रयास करना चाहिए। यह प्रभु भक्ति एवं परोपकार के लिए है।
कलकत्ता के भक्तों की ओर से आयोजित समारोह में स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि परोपकार की सोच मनुष्य को पूर्णत: उच्च शिखर पर ले जाती है। सभी का दायित्व होना चाहिए कि दुख और कष्टों के संतृप्त प्राणियों की पीड़ाओं को दूर करें। स्वयं और दूसरों के लिए एक सहारा तथा प्रकाशमान दीपक बनकर सबका मार्गदर्शन करें, भागवत यही शिक्षा देती है। कथा आयोजक कांता देवी चांडक राजेश महेता मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। शुकदेव आश्रम में हिंदी, मराठी में पांच- पांच कथाएं चल रही हैं। मंदिर पुजारी सुमन शास्त्री ने बताया कि कथाओं को सुनने के लिए महाराष्ट्र मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा आदि से हजारों श्रद्धालु आए हुए हैं।