बच्चों के वाहन चलाने पर पाबंदी लगे
मुजफ्फरनगर।
सड़क सुरक्षा सप्ताह में एमजी पब्लिक स्कूल में आयोजित गोष्ठी में स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने कहा कि कम आयु के छात्र-छात्राओं के वाहन चलाने पर प्रशासन रोक लगाए। स्कूलों के पाबंदी लगाने पर अभिभावक विरोध करते हैं। गोष्ठी में सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी माध्यमिक बोर्ड और परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हुए।
गोष्ठी में एसडी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या चंचल सक्सेना ने कहा कि नाबालिगों के वाहन चलाने पर जिले में सख्ती से रोक लगनी चाहिए। स्कूल यदि विद्यार्थियों के वाहनों पर पाबंदी लगाते हैं तो अभिभावक विरोध करते हैं और विवाद होता है। प्रशासन को ये काम करना चाहिए। तीन-तीन बच्चे दो पहिया वाहन पर सवार होकर विद्यालय आ रहे हैं। अन्य स्कूलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूपी और दिल्ली में व्यवस्थाओं में काफी अंतर नजर आता है। प्रदेश में कानूनों को सख्ती से लागू कराना होगा। प्रधानाचार्य जीबी पांडे ने कहा कि हमने अपने स्कूल में वाहनों पर पाबंदी लगाई, तो विद्यार्थी फिर भी वाहनों पर आए और सड़क एवं गली में वाहन खड़े करने लगे। इसको लेकर अभिभावकों ने ही हंगामा कर दिया। हमें मजबूरी में वाहनों को स्कूल में एंट्री देनी पड़ी। हमने अपने स्कूल में स्टाफ को बिना हेलमेट के एंट्री बैन कर दी है। एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने कहा कि देश में सड़क हादसों में मरने वालों का आंकड़ा विश्व में सबसे ज्यादा है। नियमों का पालन जीवन बचाने के लिए करें। डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंत देव ने भरोसा दिलाया कि जनपद में एक गाइडलाइन बनाकर जल्द से जल्द उसको लागू कराने का काम किया जाएगा, इसमें नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त कार्यवाही होगी और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को प्रशासन सहयोग देगा। डीआईओएस मुनेश, बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव, एआरटीओ राजीव कुमार बंसल, एआरएम बीपी अग्रवाल रहे। संचालन जीआईसी विपिन त्यागी ने किया। इस मौके पर मोनिका गर्ग, आजाद वीर, विश्व रतन, मोहम्मद गुफरान, सोनिया बंसल, आराधना वर्मा, रेखा त्यागी, मीनाक्षी मित्तल, वीएस वर्मा, संदीप कुमार, तरुणा चौधरी, पूनम पंवार आदि उपस्थित रहे।