खतौली(मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद से रेलवे ट्रैक की देखभाल की जिम्मेदारी मात्र एक गैंगमैन के सहारे ही चल रही है। इस अकेले गैंगमैन को आठ किलोमीटर की दूरी तक रेलवे ट्रैक को चैक करना पड़ता है। ट्रेन हादसे के जिम्मेदार निलंबित जेई प्रदीप समेत सभी ट्रैक मैन और गैंगमैन को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वे अभी तक वापस ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं।
उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे को लेकर रेल मंत्रालय सेफ्टी को लेकर फूंक फूंककर कदम उठा रहा है। इसके बावजूद कॉशन लगा ट्रैक अभी तक पूरी तरह से सही नहीं हो पाया। इसका जीता जागता उदाहरण बृहस्पतिवार को देखने को मिला। जब गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस ट्रेन सुबह पौने पांच बजे इस ट्रैक से गुजरी तो कुछ कोच अचानक लड़खड़ाने लगे थे। 16 नंबर के गैंगमैन आजाद ने बताया कि जिस दिन से ट्रेन हादसा हुआ है, उस दिन से रेलवे ट्रैक की देखरेख की जिम्मेदार मात्र एक गैंगमैन के कंधों पर है। हालांकि ड्यूटी पर प्रतिदिन अलग गैंगमैन बदलते रहते हैं। एक गैंगमैन को आठ किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक की देखभाल करनी पड़ रही है। उसी का काम ढीले नट-बोल्ट को कसना और ट्रैक क्रेक होने तथा पैड्रोल निकलने तक की सूचना संबंधित जेई को फोन पर देनी पड़ती है। ट्रेन हादसे के बाद से जितने भी कर्मचारी ड्यूटी पर थे और जो जगत कालोनी के सामने ट्रैक को ठीक करने में लगे थे। उन सभी को दिल्ली रेल मंत्रालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इनमें हादसे के जिम्मेदार निलंबित जेई प्रदीप को भी तलब किया गया था। वे सभी अभी तक दिल्ली से वापस ड्यूटी पर नहीं लौट सके हैं।
इंजीनियरों की टीम ट्रैक को मेनटैन करने में जुटी
खतौली। हादसे के बाद बनाए गए नए रेलवे ट्रैक को इंजीनियरों की टीम फिर से मेनटेन करने में जुट गई है। गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस ट्रेन के नए ट्रैक से गुजरने पर कोचों के लड़खड़ाने की घटना को लेकर रेलवे विभाग सतर्क हो गया है। बृहस्पतिवार को रेलवे विभाग ने नए ट्रैक को मजबूत होना मानते हुए इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम को हटाकर ट्रैक को फ्री कर दिया था। शुक्रवार को सुबह ही इंजीनियरों की टीम पहुंच गई थी। इंजीनियरों की टीम ने नए ट्रैक का निरीक्षण करते हुए उसको ठीक करने का काम शुरु कर दिया था। इंजीनियरों की टीम शुक्रवार की शाम तक रेलवे ट्रैक को ठीक करने में जुटी रही। इस ट्रैक से शुक्रवार को भी सभी ट्रेनों को मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही निकाला गया।