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बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों ने गाड़ा तंबू

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बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों ने गाड़ा तंबू
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मुजफ्फरनगर। समायोजन बहाल करने की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में तंबू गाड़कर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रदेश सरकार अध्यादेश लाकर उन्हें बहाल करे। समायोजन की मांग के चलते शिक्षामित्रों ने विद्यालयों से मुंह मोड़ लिया है। इसके बाद आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई गई।
संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुजीबुर्रहमान, सतीश बालियान के नेेतृत्व में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय धरना दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 16 साल से विद्यालयों में काम कर हरे हैं। उनके सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा है। ऐसे में हाईकोर्ट ने उनका समायोजन रद्द कर उनकी मुसीबत बढ़ा दी है। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने नारेबाजी कर समायोजन बहाल किए जाने की मांग की। इसके बाद शिक्षामित्रों ने कर्मचारियों और अधिकारियों को फूल बांटकर अपना रोष प्रकट किया। धरने में सतीश बालियान, गीता बालियान, खुर्शीद अली, इंद्रपाल सिंह, चंद्रपाल, शुभम, अर्चना, प्रतिभा, एकता आदि मौजूद रहे।
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समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। आर्य पुरी शिक्षक भवन में आयोजित उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं पर विभाग ध्यान देने को तैयार नहीं है। विद्यालयों में पेयजल के साथ पंखों, बिजली, शौचालयों की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। रंगाई-पुताई और बच्चों की यूनिफार्म के बजट में पिछले कई साल से वृद्धि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कार्यकाल के दौरान शिक्षक की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रुप में भर्ती किया जा रहा है। इनमें जो बीएड, टीईटी उत्तीर्ण है, उन्हें प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिलनी चाहिए। शिक्षकों ने राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर उन्हें भी नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। शिक्षक संघ ने 16 सूत्रीय मांगपत्र मुख्यमंत्री के नाम बीएसए को सौंपा है।
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