मुजफ्फरनगर। व्यापारियों को जीएसटी में माइग्रेट करने को चलाए गए अभियान में सफलता अर्जित करना वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। 15 दिन में अभियान में विभाग को सफलता नहीं मिल पाई। अब 25 जून से अभियान प्रारंभ होगा।
भारत सरकार ने पूरे देश में समान कानून जीएसटी लगाने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में जिले में भी पंजीकृत व्यापारियों को जीएसटी में माइग्रेट करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में 86.5 प्रतिशत व्यापारी अब तक जीएसटी में शामिल हो चुके हैं। इस फीगर को 100 प्रतिशत करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। हाल ही में 15 दिन के विशेष अभियान में कोई सफलता नहीं मिल पाई है। अब एक बार फिर 25 जून से अभियान शुरू होगा। वाणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर केएम मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार ने जीएसटी का कानून लागू कर दिया है तो सभी व्यापारियों को इसमें शामिल होना पड़ेगा। व्यापारियों को इससे लाभ ही होगा।
अभी तक जो व्यापारी माईग्रेट नहीं हुए हैं उनमें कपड़ा व्यापारी, इंश्योरेंस कंपनी, बैंक, चीनी सप्लायर आदि शामिल हैं। डीलीवरी करने वाले संस्थानों को भी पंजीकरण कराना होगा। स्टेट में एक जगह पंजीकरण होना जरुरी है। उन्होंने बताया कि जिले में 10321 व्यापारी पंजीकृत हैं। इनमें से 8921 जीएसटी में माईग्रेट हो गए हैं।
कपड़ा व्यापारियों के लिए लाभकारी कानून
मुजफ्फरनगर। डिप्टी कमिश्नर केएम मिश्रा ने बताया कि कुछ व्यापारी नेता कपड़ा व्यापारियों को भ्रमित कर रहे हैं। जीएसटी में शामिल होने से कपड़ा मंदा ही नहीं होगा, बल्कि उसे इनपुट का लाभ भी मिलेगा। एक बार दिया गया टैक्स दूसरी बार में अपने आप ही कम हो जाएगा। व्यापारियों को राष्ट्र और व्यापार हित में जीएसटी में शामिल होना चाहिए।